खैरागढ़ जिले में गणेश विसर्जन के दिन दो अलग-अलग जगहों पर खूनी संघर्ष हुआ। एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर, पुलिस ने जांच शुरू की।
खैरागढ़। धार्मिक उत्सव गणेश विसर्जन के दिन खैरागढ़ जिले में जश्न की जगह मातम का माहौल बन गया। जिले के दो अलग-अलग इलाकों में हुए खूनी संघर्ष ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इन घटनाओं में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों ही मामलों में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना : युवक की मौत
पहली घटना जिले के एक गांव में हुई, जहां गणेश विसर्जन के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद में शामिल युवकों के बीच लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस झगड़े में गंभीर रूप से घायल एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया और परिवारजन सदमे में हैं।
दूसरी घटना : युवक गंभीर रूप से घायल
दूसरी घटना जिले के ही एक अन्य इलाके में हुई, जहां दो गुटों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। झगड़े में एक युवक को गंभीर चोटें आईं। घायल युवक को स्थानीय अस्पताल से रायपुर रेफर किया गया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
खैरागढ़ पुलिस दोनों घटनाओं को लेकर सतर्क हो गई है। पुलिस ने दोनों मामलों में अपराध दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों घटनाओं की जड़ आपसी विवाद और गुटबाजी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
माहौल में तनाव
गणेश विसर्जन का दिन आमतौर पर उत्साह और उमंग से भरा होता है, लेकिन इस बार खैरागढ़ जिले में हालात बिल्कुल उलट रहे। घटनाओं की खबर फैलते ही पूरे जिले में तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है और अफवाहों पर रोक लगाने के लिए लोगों से अपील की गई है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्व के दिन हिंसा का होना बेहद दुखद और शर्मनाक है। लोगों ने प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मृतक के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस की जांच में सहयोग करें। साथ ही आने वाले समय में ऐसे विवादों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने की बात भी कही गई है।
निष्कर्ष
गणेश विसर्जन के दिन खैरागढ़ में हुई इन दोनों घटनाओं ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। जश्न के माहौल में आई यह काली छाया समाज को संदेश देती है कि छोटी-छोटी बातों पर बढ़ा विवाद जानलेवा हो सकता है। अब देखना होगा कि पुलिस जांच में कितनी तेजी दिखाती है और पीड़ित परिवारों को न्याय कब तक मिलता है।
