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साल 2025 का अंतिम चंद्रग्रहण, पुरी में विशेष अनुष्ठान

देश ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 8 September 2025

साल 2025 का अंतिम चंद्रग्रहण आज, पुरी श्रीमंदिर में विशेष अनुष्ठान और शुद्धिकरण पूजा, कपाट बंद रहेंगे, वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व पर श्रद्धालुओं में उत्साह।

पुरी। साल 2025 का अंतिम चंद्रग्रहण आज घटित हो रहा है, जिसे लेकर देशभर में धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। खासतौर पर पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में इस मौके पर विशेष अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए दिशा-निर्देश जारी करते हुए बताया है कि ग्रहण के मुख्य समय में मंदिर के कपाट बंद रहेंगे और ग्रहण के बाद शुद्धिकरण अनुष्ठान संपन्न कराया जाएगा।

पुरी श्रीमंदिर में विशेष तैयारी

मंदिर प्रशासन ने जानकारी दी है कि चंद्रग्रहण के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण कर महाप्रसाद वितरण पुनः आरंभ होगा। इस विशेष अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर में उमड़ने की संभावना है।

चंद्रग्रहण का मुख्य समय

खगोलविदों के अनुसार, आज का चंद्रग्रहण शाम 6 बजकर 12 मिनट पर शुरू होगा और रात 9 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का अधिकतम प्रभाव 7 बजकर 55 मिनट पर रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और धार्मिक अनुष्ठान स्थगित रहते हैं।

धार्मिक मान्यताएं और श्रद्धालु उत्साह

हिंदू धर्मग्रंथों में चंद्रग्रहण का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि ग्रहण काल में किए गए जप, तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। पुरी सहित पूरे देश में भक्त चंद्रग्रहण के दौरान विशेष मंत्रोच्चार, पूजा और स्नान कर पुण्य अर्जित करने की तैयारी कर रहे हैं।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्व

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह चंद्रग्रहण एक आंशिक चंद्रग्रहण होगा, जिसे भारत समेत एशिया के अधिकांश हिस्सों में देखा जा सकेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह खगोलीय घटना पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य की सटीक स्थिति के कारण घटित होती है और इससे पृथ्वी पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।

सुरक्षा और दिशा-निर्देश

पुरी प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना करने की अपील की है। पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं ताकि अधिक भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

चंद्रग्रहण का समापन और शुद्धिकरण

ग्रहण समाप्त होने के बाद पुरी श्रीमंदिर में पारंपरिक रीति से शुद्धिकरण अनुष्ठान संपन्न होगा। इसके उपरांत मंदिर के कपाट पुनः खोले जाएंगे और श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकेंगे। महाप्रसाद का वितरण भी इसी के बाद पुनः आरंभ होगा।

यह चंद्रग्रहण वर्ष 2025 का अंतिम खगोलीय दृश्य है, जिसके बाद अगला चंद्रग्रहण वर्ष 2026 में होगा। धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस अवसर ने भक्तों और खगोलविदों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।


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