छत्तीसगढ़ में एक ज्वेलर्स की दुकान पर बिक रहे थे चोरी के गहने, पुलिस ने छापा मारकर संचालक को गिरफ्तार किया, जांच जारी है।
रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शहर के एक प्रतिष्ठित ज्वेलर्स शॉप में चोरी के गहनों की बिक्री की जा रही थी। पुलिस की छापेमारी में दुकान से लाखों के संदिग्ध आभूषण जब्त किए गए हैं। मामले में दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि चोरी की वारदात से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
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गुप्त सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
पुलिस को पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि रायपुर के एक प्रसिद्ध ज्वेलर्स की दुकान पर चोरी के गहनों की खरीद-फरोख्त हो रही है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाने की संयुक्त टीम ने छापेमारी की कार्रवाई की।
छापे के दौरान दुकान में कुछ ऐसे आभूषण मिले, जिनकी बनावट और डिज़ाइन हाल ही में हुई चोरियों से मिलती-जुलती थी। पूछताछ में संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
संचालक ने किया चोरी के गहने खरीदने का कबूलनामा
पुलिस पूछताछ में दुकान संचालक ने स्वीकार किया कि वह स्थानीय गिरोह से चोरी के गहने कम दाम पर खरीदता था और दुकान में असली गहनों के साथ मिलाकर बेच देता था। वह यह भी जानता था कि गहने चोरी के हैं, फिर भी लालचवश ऐसा करता रहा।
पुलिस के अनुसार,
लाखों के गहनों की बरामदगी
पुलिस ने दुकान से तकरीबन 8 लाख रुपये के संदिग्ध सोने और चांदी के गहनों को जब्त किया है। सभी गहनों की फॉरेंसिक और रजिस्ट्रेशन जांच की जा रही है। संभावना है कि इनमें से अधिकांश हाल ही में रायपुर और आसपास के इलाकों में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं।
जुड़े हो सकते हैं अन्य गिरोह
इस मामले में पुलिस को संदेह है कि चोरी के गहनों की बिक्री में और भी कई ज्वेलर्स शामिल हो सकते हैं। चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह, चोरी के बाद गहनों को ज्वेलर्स के जरिए बाज़ार में खपा देते हैं।
अब पुलिस इस नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है और संभव है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हों।
पुलिस की सख्त चेतावनी
रायपुर पुलिस अधीक्षक ने कहा,
चोरी के गहनों की पहचान कैसे करें?
जनता को जागरूक करते हुए पुलिस ने बताया कि यदि कोई भी व्यक्ति या व्यापारी संदेहास्पद गहनों की बिक्री या खरीद करता है, तो तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। निम्न बिंदुओं से चोरी के गहनों की पहचान की जा सकती है:
- गहनों पर हॉलमार्क न होना
- बहुत कम कीमत पर बिक्री
- कोई वैध बिल या पेपर न होना
- एक ही व्यक्ति द्वारा बार-बार अलग-अलग डिज़ाइन बेचना
आगे की कार्रवाई
वर्तमान में दुकान संचालक के खिलाफ भादंवि की धारा 411 (चोरी का सामान रखने) और 413 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
इसके अलावा, आयकर विभाग और जीएसटी सेल को भी सूचना दी गई है, ताकि गहनों की बिक्री से जुड़े लेन-देन की जांच हो सके।
ग्राहकों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
- गहने खरीदते समय वैध बिल जरूर लें।
- प्रतिष्ठित और रजिस्टर्ड दुकानों से ही खरीदारी करें।
- हॉलमार्क की जांच करें।
- कोई भी संदेहास्पद जानकारी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
निष्कर्ष नहीं
यह मामला बताता है कि कैसे चोरी के गहनों का कारोबार ज्वेलर्स के माध्यम से समाज में वैध रूप से फैलाया जा रहा है। पुलिस की सतर्कता और तेज़ कार्रवाई से यह बड़ा खुलासा संभव हो सका। अब ज़रूरत है कि ग्राहक भी सतर्क रहें और ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा न दें। आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नामों का खुलासा हो सकता है।
