महासमुंद में पुरानी रंजिश के चलते पांच दोस्तों ने मिलकर युवक की हत्या कर दी। शव को नदी में दबाया, पुलिस ने किया खुलासा।
महासमुंद।छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से दिल दहला देने वाला हत्या का मामला सामने आया है। जहां पांच युवकों ने मिलकर अपने ही दोस्त की पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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गुमशुदगी से खुला हत्या का राज
मृत युवक की पहचान राकेश (24 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बीते एक सप्ताह से लापता था। परिजनों ने इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस को कुछ संदेहास्पद सुराग मिले, जिसके आधार पर जब जांच आगे बढ़ी तो हत्या की गुत्थी सुलझती चली गई।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि राकेश और आरोपियों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि राकेश ने कुछ समय पहले एक आरोपी की बहन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिससे सभी दोस्त उससे नाराज़ थे। इस घटना को लेकर राकेश और आरोपियों के बीच कई बार कहासुनी और झगड़ा हो चुका था।
आरोपियों ने इसी रंजिश के चलते उसकी हत्या की साजिश रची।
ऐसे रची गई हत्या की साजिश
पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि 5 दोस्तों ने मिलकर पहले राकेश को फोन कर बाहर बुलाया। बहाने से उसे बाइक पर घुमाने के नाम पर ले जाया गया। सुनसान इलाके में पहुंचते ही पहले उसे लात-घूंसों और डंडों से पीटा गया, फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद शव को पास ही बहने वाली शिवनाथ नदी के किनारे ले जाकर गड्ढा खोदा और लाश को मिट्टी में दफना दिया।
शव के पास मिले सबूतों से खुली गुत्थी
शव को ढूंढने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन घटनास्थल से कुछ दूरी पर राकेश का मोबाइल और उसके कपड़ों के टुकड़े बरामद हुए। स्निफर डॉग और फॉरेंसिक टीम की मदद से पुलिस ने नदी किनारे खुदाई करवाई, जहां से युवक का शव बरामद हुआ।
शव की हालत देखकर अंदाजा लगाया गया कि यह हत्या करीब 5 से 6 दिन पहले की गई थी।
पुलिस ने ऐसे पकड़े आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने राकेश के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिसमें कुछ दोस्तों से आखिरी बार संपर्क होने की पुष्टि हुई। शक के आधार पर जब पुलिस ने उन पांचों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों के नाम हैं:
- धीरज साहू
- सौरभ वर्मा
- प्रकाश यादव
- अजय निषाद
- मनोज पटेल
आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 201 और 34 के तहत हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज किया है। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह “सोची-समझी साजिश” थी और मृतक पर पहले से ही आरोपियों को गुस्सा था। यह एक सुनियोजित हत्या है, जिसे धोखे से अंजाम दिया गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
राकेश की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप और बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है और कहा कि यदि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती, तो शायद राकेश की जान बचाई जा सकती थी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग की। साथ ही मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई
पुलिस ने कहा – अपराधियों को नहीं बख्शा जाएगा
एसपी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पुलिस की ओर से पूरी निष्पक्षता से कार्रवाई की गई है और आगे भी इस तरह के अपराध करने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
जनता के लिए संदेश
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्तिगत रंजिश को इस हद तक न ले जाएं कि कानून अपने हाथ में लेना पड़े। झगड़े और विवाद का हल बातचीत और कानूनी तरीकों से निकालें, ना कि अपराध के रास्ते पर चलें।
