ऑनलाइन काम नहीं करने पर 142 पटवारियों को नोटिस, जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई, शासन ने डिजिटलाइजेशन को प्राथमिकता बताते हुए सख्ती बरतने का ऐलान किया।
जांजगीर चांपा. छत्तीसगढ़ में शासन की डिजिटल व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता लाने के प्रयासों के बीच ऑनलाइन काम नहीं करने वाले पटवारियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। राजस्व विभाग ने 142 पटवारियों को नोटिस जारी किया है। ये सभी पटवारी ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने और संबंधित कार्यों को डिजिटल प्लेटफार्म पर समय पर दर्ज करने में लापरवाही बरत रहे थे।
Read it loud
शासन की डिजिटल व्यवस्था पर असर
राजस्व विभाग ने बीते कुछ वर्षों में भूमि रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी और विभिन्न राजस्व कार्यों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की पहल की है, ताकि आम नागरिकों को पारदर्शी और त्वरित सेवा मिल सके। लेकिन कई पटवारी ऑनलाइन काम करने से बचते हुए परंपरागत ढर्रे पर ही काम कर रहे हैं। इसके कारण नागरिकों को आवश्यक सेवाओं के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
नोटिस का विवरण
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन 142 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि उन्होंने अब तक ऑनलाइन काम क्यों नहीं किया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
जवाब न देने पर कड़ी कार्यवाही
शासन का कहना है कि जवाब न देने वाले पटवारियों के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। साथ ही, भविष्य की पदोन्नति और वेतनवृद्धि पर भी इसका असर पड़ सकता है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि शासन की प्राथमिकता डिजिटलाइजेशन है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आम जनता पर असर
ऑनलाइन काम नहीं होने के कारण कई जगह लोगों को खसरा-खतौनी और भूमि संबंधी कागजात प्राप्त करने में विलंब हो रहा था। किसानों को ऋण लेने और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में दिक्कतें आ रही थीं। ऐसे में शासन की इस कार्रवाई को जनता के हित में एक अहम कदम माना जा रहा है।
अधिकारियों की चेतावनी
वरिष्ठ अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आगे भी निगरानी रखी जाएगी और यदि कोई कर्मचारी या पटवारी ऑनलाइन कार्यों में लापरवाही करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
डिजिटलाइजेशन को लेकर शासन का रुख
मुख्यमंत्री और राजस्व विभाग लगातार राज्य में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दे रहे हैं। इसी कड़ी में भुइंया और भुइंया ऐप जैसे प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, जिनसे आम जनता ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड देख सकती है। लेकिन इनकी सफलता पटवारियों और राजस्व कर्मचारियों की सक्रियता पर निर्भर करती है।
निष्कर्ष
राजस्व विभाग की इस कार्रवाई ने सभी कर्मचारियों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया है कि डिजिटल व्यवस्था को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है। जनता को सुविधा पहुंचाने और शासन की पारदर्शी व्यवस्था को लागू करने के लिए सभी को डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना ही होगा।
