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जमानत पर छूटा आरोपी, गवाह को धमकाने पहुंचा, हत्या

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 22 August 2025

जमानत पर छूटे आरोपी ने गवाह को धमकाने घर पहुंचा, विवाद बढ़ा तो गवाह और बेटे ने हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों को पकड़ा।

दुर्ग. भिलाई। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पांच साल तक जेल की सजा काटने के बाद जमानत पर छूटकर आए एक आरोपी की हत्या कर दी गई। आरोपी अपने पुराने केस में गवाह को धमकाने उसके घर पहुंचा था, लेकिन वहां हालात अचानक बिगड़ गए और गवाह तथा उसके बेटे ने मिलकर उसकी जान ले ली। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और घटना की पूरी जांच की जा रही है।

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घटना का विवरण

मिली जानकारी के अनुसार, मृतक आरोपी हत्या के एक पुराने मामले में जेल में बंद था। उसे हाल ही में अदालत से जमानत मिली थी और वह पांच साल बाद जेल से बाहर आया था। बाहर आते ही उसने अपने खिलाफ गवाही देने वाले प्रमुख गवाह को सबक सिखाने की ठानी। इसी उद्देश्य से वह गवाह के घर पहुंचा और उसे धमकाने लगा।

लेकिन, गवाह और उसका बेटा आरोपी की धमकियों से भड़क उठे। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर दोनों ने मिलकर आरोपी पर हमला कर दिया। हमले के दौरान आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी गवाह को डराने-धमकाने के लिए उसके घर पहुंचा था। गवाह और उसके बेटे ने आत्मरक्षा और आक्रोश में मिलकर हत्या को अंजाम दिया।

फिलहाल पुलिस ने पिता-पुत्र दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की तहकीकात के बाद ही यह साफ होगा कि हत्या पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का नतीजा।

ग्रामीणों में दहशत

घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी जेल से बाहर आने के बाद से ही लोगों को धमका रहा था और उसका व्यवहार आक्रामक था। वहीं, गवाह पक्ष का कहना है कि आरोपी की धमकियों से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।

न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल

यह घटना न्यायिक प्रक्रिया और अपराधियों के जमानत पर बाहर आने के बाद उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज में यह बहस छिड़ गई है कि क्या अपराधियों को इतनी आसानी से जमानत मिलनी चाहिए, जबकि उनके द्वारा गवाहों को धमकाने का खतरा बना रहता है।

आगे की जांच

पुलिस ने मामले में धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज किया है। गवाह और उसके बेटे की ओर से आत्मरक्षा का तर्क भी सामने आ रहा है, जिसे अदालत में परखा जाएगा।


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