रायपुर सेंट्रल जेल से NDPS केस का दोषी कैदी मरम्मत कार्य के दौरान फरार, 15 साल की सजा काट रहा था, पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल से NDPS एक्ट के तहत सजा काट रहा एक कैदी फरार हो गया। घटना ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरार कैदी पर 15 साल की सजा सुनाई गई थी और वह लंबे समय से जेल में बंद था। जानकारी के मुताबिक, जेल परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य का फायदा उठाकर उसने प्रहरी को चकमा दिया और फरार हो गया।
Read it loud
घटना कैसे हुई
सोमवार को सेंट्रल जेल में निर्माण और मरम्मत का काम चल रहा था। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त आवाजाही और गतिविधियां थीं। इसी का फायदा उठाकर कैदी ने प्रहरी की नजरों से बचकर भागने की कोशिश की। बताया जाता है कि मरम्मत स्थल के पास सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिनों की तुलना में कम सख्त थी।
किस मामले में था कैदी दोषी
फरार कैदी NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट) के गंभीर अपराध में दोषी ठहराया गया था। उसे अदालत ने 15 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। NDPS एक्ट से जुड़े मामले आमतौर पर गंभीर अपराध माने जाते हैं और ऐसे कैदियों पर जेल प्रशासन को अतिरिक्त निगरानी रखनी होती है।
जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही
कैदी का फरार होना प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला माना जा रहा है। जेल के सुरक्षा प्रोटोकॉल के बावजूद इस तरह की घटना ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, मरम्मत कार्य के चलते कुछ सुरक्षा घेरे कमजोर हो गए थे और इसी दौरान कैदी ने भागने का मौका तलाशा।
प्रहरी को दिया चकमा
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कैदी ने प्रहरी को चकमा देकर मौके का फायदा उठाया। वह किस दिशा में भागा, इसका अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। जेल प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम उसकी तलाश में जुट गई है।
सर्च ऑपरेशन तेज
कैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस की कई टीमें रायपुर और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दे रही हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और हाईवे पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचित कर दिया गया है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। उच्च अधिकारियों ने कहा कि दोषी चाहे जितना भी चालाक हो, जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रायपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। यह जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मानी जाती है, लेकिन कैदी का फरार होना सुरक्षा मानकों की कमजोरी को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि NDPS जैसे गंभीर मामलों में दोषी कैदियों पर चौकसी और भी कड़ी होनी चाहिए।
नागरिकों में चिंता
घटना के बाद रायपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में चिंता का माहौल है। NDPS एक्ट के तहत दोषी कैदियों को खतरनाक अपराधी माना जाता है, ऐसे में पुलिस-प्रशासन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
निष्कर्ष
रायपुर सेंट्रल जेल से NDPS एक्ट का दोषी कैदी का फरार होना राज्य की सुरक्षा और जेल प्रबंधन दोनों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। फिलहाल पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और जल्द ही कैदी को पकड़ने का दावा किया है। लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बड़े खतरे को जन्म दे सकती है।
