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साइबर धोखाधड़ी में दो आरोपी गिरफ्तार, 90 लाख बरामद

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 23 August 2025

छत्तीसगढ़ में साइबर धोखाधड़ी के दो आरोपी गिरफ्तार, 90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि बरामद, पुलिस की बड़ी कार्रवाई और जनता को सतर्क रहने की चेतावनी।

कांकेर।छत्तीसगढ़ पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 90 लाख रुपये की संदिग्ध राशि का खुलासा किया है। यह कार्रवाई राज्य में साइबर अपराध पर कड़ी नजर और प्रभावी policing की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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पुलिस ने जानकारी दी कि आरोपी विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करके लोगों को निवेश और ऑनलाइन लेन-देन के झांसे में डालकर धोखाधड़ी कर रहे थे। युवाओं और निवेशकों को आकर्षक रिटर्न का लालच देकर रकम वसूलने के मामले सामने आए।

पुलिस के अनुसार, यह साइबर अपराध नेटवर्क बड़े पैमाने पर काम कर रहा था। आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट और डिजिटल पेमेंट माध्यमों का प्रयोग किया। इस प्रक्रिया में 90 लाख रुपये से अधिक की राशि संदिग्ध पाई गई, जिसे जब्त कर लिया गया।

पुलिस की कार्रवाई

साइबर क्राइम पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद गहन जांच शुरू की। डिजिटल फॉरेंसिक और ऑनलाइन लेन-देन के रिकॉर्ड का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनकी जांच जारी है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण और लेन-देन के प्रमाण बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि इनके माध्यम से कई अन्य संभावित पीड़ितों तक पहुंचने की संभावना है।

पीड़ितों की प्रतिक्रिया

पीड़ितों ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी के कारण उनका वित्तीय नुकसान हुआ और मानसिक दबाव भी बढ़ा। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की और भविष्य में और अधिक सुरक्षा उपायों की आवश्यकता बताई।

साइबर सुरक्षा और जागरूकता

विशेषज्ञों ने कहा कि ऑनलाइन लेन-देन के दौरान लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी निवेश या डिजिटल भुगतान से पहले वेबसाइट और भुगतान प्लेटफॉर्म की वैधता की पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस ने जनता से अपील की कि अगर किसी को ऑनलाइन धोखाधड़ी का अनुभव हो तो तुरंत साइबर सेल को सूचित करें। डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी की जा सकती है।

कानूनी पहलू

कानून विशेषज्ञों ने बताया कि इस मामले में आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 66C और 66D (साइबर अपराध) के तहत आरोपियों पर मामला दर्ज किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

समाज और डिजिटल लेन-देन

साइबर धोखाधड़ी का यह मामला समाज में बढ़ते डिजिटल अपराध की गंभीरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल वित्तीय लेन-देन को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार और बैंकिंग संस्थानों के साथ-साथ आम जनता की जागरूकता भी जरूरी है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध पर कड़ी नजर और सख्त कानून के पालन का संदेश देती है। युवाओं और निवेशकों को सतर्क रहने और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की रिपोर्ट करने की सलाह दी जाती है।


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