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माना कैंप में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज

छत्तीसगढ़ ✍ Dipti Das 🕐 19 October 2026

ताज़ा जानकारी के मुताबिक, माना कैंप में पुरी के जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर बना भव्य दुर्गा पंडाल, ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने किए मां के दर्शन, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं रायपुर।

इसी धार्मिक अनुष्ठान की कड़ी में ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन गुरुचरण सिंह होरा ने माना कैंप पहुँचकर माता रानी के चरणों में शीश नवाया। उन्होंने पंडाल की भव्यता की प्रशंसा करते हुए माँ दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना की और समस्त प्रदेशवासियों की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए मंगल कामना की। इस अवसर पर श्री होरा ने सभी नागरिकों को दुर्गा पूजा की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के भव्य धार्मिक आयोजन हमारी आस्था, संस्कृति और प्राचीन परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ समाज में एकता और आपसी सद्भाव का एक सशक्त संदेश भी प्रसारित करते हैं।

ग्रैंड ग्रुप के चेयरमैन ने मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा करते हुए बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्रैंड न्यूज़ चैनल के माध्यम से माना कैंप के इस भव्य पंडाल का सीधा प्रसारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जो श्रद्धालु शारीरिक अक्षमता या दूरी के कारण यहाँ प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, वे अपने घरों में सुरक्षित रहकर ही माता रानी के दर्शनों का लाभ उठा सकें। लाइव प्रसारण के माध्यम से प्रदेशभर के लाखों लोग इस भव्य आयोजन से जुड़ रहे हैं, जो कि आधुनिक तकनीक और धार्मिक आस्था के सफल समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

माना कैंप की इस दुर्गा पूजा की एक अन्य विशेषता यहाँ के विभिन्न विषयों पर आधारित पंडालों का निर्माण है। इस वर्ष पुरी के जगन्नाथ मंदिर के साथ-साथ दिल्ली के प्रसिद्ध अक्षरधाम मंदिर की थीम पर भी पंडाल सजाए गए हैं। इन पंडालों के निर्माण में कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट शिल्पकारी का प्रदर्शन किया है, जिससे ये मंदिर वास्तविक स्वरूप के काफी निकट प्रतीत होते हैं। पंडालों के भीतर स्थापित माँ दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा और चारों ओर व्याप्त आध्यात्मिक ऊर्जा भक्तों को मंत्रमुग्ध कर रही है। रात्रि के समय विद्युत सज्जा की चकाचौंध इन पंडालों की सुंदरता को और भी अधिक निखार देती है, जिसे देखने के लिए जनसैलाब उमड़ रहा है।

आधुनिक सजावट और भव्यता के इस परिवेश में भी माँ दुर्गा की आराधना पूरी तरह से पारंपरिक बंगाली विधि-विधान के साथ संपन्न की जा रही है। ढाक की पारंपरिक थाप, शंखों की ध्वनि और षष्ठी से लेकर विजयादशमी तक निभाई जाने वाली विशेष धार्मिक रस्में इस आयोजन को सांस्कृतिक रूप से अत्यंत समृद्ध बनाती हैं। इस गरिमामयी अवसर पर समिति के अध्यक्ष रंजीत कुमार डे, ग्रैंड विजन के वरिष्ठ पदाधिकारी अमोल गरुड़ी, कौशिक दत्ता सहित समिति के अन्य गणमान्य सदस्य और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। माना कैंप की यह दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन गई है।

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