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बस्तर में जुड़वा भाइयों की डूबने से मौत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 29 August 2025

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नाले में डूबने से दो जुड़वा बच्चों की मौत, भारी बारिश से 200 से अधिक मकान ढहे, जनजीवन प्रभावित।


बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां नहाने के दौरान दो मासूम जुड़वा भाइयों की नाले में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब दोनों बच्चे खेलते-खेलते नाले में नहाने चले गए और अचानक गहराई में चले गए। गहराई का अंदाज़ा न होने के कारण वे पानी में डूब गए और उन्हें बचाया नहीं जा सका।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बच्चे रोज़ की तरह पास के नाले में नहाने गए थे। हालांकि हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण नाले में पानी का स्तर काफी बढ़ गया था और बहाव भी तेज़ था। इसी दौरान दोनों बच्चे फिसलकर गहराई में चले गए और कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गए।

स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब तक बच्चों को पानी से निकाला गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिवार में मातम पसरा है और पूरे गांव में शोक की लहर है। दोनों भाई मात्र 8 साल के थे और बेहद प्यारे व चंचल स्वभाव के थे। गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि नालों के किनारे सुरक्षा इंतज़ाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

200 मकान ढहे, कई परिवार बेघर

इस दर्दनाक हादसे के साथ-साथ दंतेवाड़ा जिले में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जिले में 200 से अधिक मकान ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। कई इलाकों में पानी भरने से सड़कें डूब गई हैं और यातायात ठप हो गया है।

प्रशासन ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित परिवारों को अस्थायी शिविरों में शरण दी जा रही है और भोजन, पानी व दवाओं की व्यवस्था की जा रही है। बचाव दल लगातार इलाके का दौरा कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

जिला कलेक्टर ने बताया कि “हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दी जा रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है, इसलिए लोगों से अपील है कि वह सुरक्षित स्थानों पर रहें और जल स्रोतों के पास न जाएं।”

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने दंतेवाड़ा सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में और अधिक वर्षा की संभावना है, जिससे नदियों, नालों और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर और बढ़ सकता है।

जनता से अपील की गई है कि वे बच्चों को अकेले जल स्रोतों के पास न जाने दें, और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

इस घटना से सबक लेने की ज़रूरत

इस दोहरी त्रासदी — मासूम बच्चों की मौत और सैकड़ों घरों के उजड़ने — ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारा ग्रामीण तंत्र प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए तैयार है? बारिश के मौसम में खुले नाले, जलभराव, और कच्चे मकान आमतौर पर जानलेवा साबित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नालों के पास चेतावनी बोर्ड लगाने, सुरक्षा जाल लगाने और बच्चों को जागरूक करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही, बारिश से पहले कमजोर मकानों की मरम्मत और स्थायी राहत केंद्रों की स्थापना जरूरी है।

प्रशासन के अनुसार, जिन परिवारों के मकान गिरे हैं उन्हें मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पीड़ित परिवारों को ₹25,000 तक की तात्कालिक सहायता दी जा रही है, और स्थायी आवास योजना के तहत पुनर्वास भी किया जाएगा।


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