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टीएस सिंहदेव के घर चोरी, हाथी मूर्ति गायब

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 August 2025

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के अंबिकापुर स्थित घर से चोरों ने 15 किलो वजनी हाथी की मूर्ति चुराई, पुलिस ने जांच तेज़ की।

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव एक बड़ी चोरी की घटना के शिकार हुए हैं। उनके पैतृक आवास से चोरों ने रात के अंधेरे में घुसकर करीब 15 किलो वजनी हाथी की कांस्य मूर्ति चुरा ली। इस घटना से न केवल स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है।

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क्या है पूरा मामला

घटना अंबिकापुर स्थित टीएस सिंहदेव के निजी आवास की है। यह आवास न केवल पारिवारिक विरासत है, बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। बताया जा रहा है कि बीती रात कुछ अज्ञात चोर बाउंड्री वॉल कूदकर अंदर घुसे और मूर्ति को उठा ले गए। यह मूर्ति धातु (कांस्य) से बनी थी और इसका वजन लगभग 15 किलो बताया जा रहा है।

चोरी का पता तब चला जब सुबह नौकरों ने घर की जांच की। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, और जांच में जुटे अधिकारियों ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और सीसीटीवी फुटेज जुटाने शुरू कर दिए हैं।

हाथी की मूर्ति क्यों थी खास

जानकारों के अनुसार यह मूर्ति कोई सामान्य सजावटी वस्तु नहीं थी। यह मूर्ति सिंहदेव परिवार की पुरानी विरासत मानी जाती थी और इसे राजसी प्रतीक के रूप में सम्मानित स्थान पर रखा गया था। हाथी की यह मूर्ति विशेष रूप से किसी अनुष्ठान या विशेष अवसर पर प्रदर्शित की जाती थी।

पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। शहर के प्रवेश और निकासी बिंदुओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि मूर्ति को राज्य से बाहर ले जाने की कोई कोशिश न हो सके।

अंबिकापुर थाना प्रभारी ने बताया कि जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मूर्ति बरामद करने के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने चोरी पर हैरानी जताते हुए कहा कि, “यह केवल चोरी नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और पारिवारिक धरोहर पर चोट है। हमें उम्मीद है कि पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी।”

राजनीतिक हलकों में इस चोरी को राजनीतिक साजिश से जोड़कर भी देखा जा रहा है, हालांकि सिंहदेव ने फिलहाल ऐसी किसी संभावना को नकारा है।

स्थानीय लोगों में चिंता

इस घटना ने स्थानीय नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। अंबिकापुर जैसे शांत शहर में एक वरिष्ठ राजनेता के घर से चोरी होना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों की मांग है कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए।

ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं

छत्तीसगढ़ में इससे पहले भी कई ऐतिहासिक वस्तुओं की चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुछ वर्षों पहले रायपुर में एक मंदिर से सोने की मूर्ति चोरी हुई थी, जिसे बाद में पुलिस ने महाराष्ट्र से बरामद किया। ऐसे में प्रशासन पर यह जिम्मेदारी है कि वह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

निष्कर्ष (बिना समाधान या निष्कर्ष के अनुरूप)

यह घटना केवल एक मूर्ति की चोरी नहीं है, बल्कि एक राजनैतिक और सांस्कृतिक पहचान पर प्रहार है। उम्मीद की जानी चाहिए कि प्रशासन और पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कानून के कठघरे में लाएंगे।

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