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युक्तियुक्तकरण के बाद भी शिक्षकों ने ज्वाइनिंग नहीं दी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 September 2025

युक्तियुक्तकरण के बाद भी कई शिक्षकों ने नई जगह ज्वाइन नहीं किया। पढ़ाई प्रभावित, विभाग सख्ती की तैयारी में। अब नोटिस और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

गरियाबंद।शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और बेहतर संतुलन बनाने के लिए युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया लागू की गई थी। इसके तहत कई शिक्षकों का स्थानांतरण और पदस्थापना की गई। लेकिन आश्चर्य की बात है कि आदेश जारी होने के बाद भी कई शिक्षकों ने अपनी नई जगह पर ज्वाइनिंग नहीं दी।

पढ़ाई पर असर
ज्वाइनिंग न देने के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्र-छात्राएँ नियमित कक्षाओं से वंचित हैं। विभाग को लगातार अभिभावकों से शिकायतें मिल रही हैं कि विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति से बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है।

विभाग की सख्ती
स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, अनुपस्थित शिक्षकों को नोटिस भेजा जाएगा और जवाब तलब किया जाएगा। इसके अलावा, सेवा नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी हो सकती है।

जिम्मेदारियों से दूरी
अधिकारियों का कहना है कि कुछ शिक्षक अपनी सुविधा के अनुसार पदस्थापना से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यह रवैया न केवल शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को भी प्रभावित करता है।

अभिभावकों की चिंता
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर हो रहा है। एक अभिभावक ने कहा, “शिक्षक अगर अपनी ड्यूटी पर नहीं जाएंगे तो पढ़ाई कैसे चलेगी? विभाग को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।”

शिक्षकों का पक्ष
कुछ शिक्षकों का कहना है कि उन्हें बिना उनकी सहमति के दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थापित किया गया है, जिससे व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने विभाग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।

विभाग का संदेश
विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। अगर कोई शिक्षक ज्वाइनिंग से बचता है, तो उसे निलंबन और वेतन रोकने जैसे कठोर कदम झेलने होंगे।

भविष्य की संभावना
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर विभाग कड़ी कार्रवाई करता है तो शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता लौट सकती है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षण कार्य बेहतर हो सकेगा।


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