राजनांदगांव के सुकुलदैहान बुनकर केन्द्र में विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला, आधुनिक करघा तकनीक, डिजाइन, विपणन और डिजिटल बिक्री पर बुनकरों को प्रशिक्षण दिया गया।
राजनांदगांव | राजनांदगांव जिले के सुकुलदैहान स्थित बुनकर केन्द्र में बुनकरों और महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य पारंपरिक बुनकरी कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए उत्पाद की गुणवत्ता, डिज़ाइन और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन को बढ़ावा देना रहा।
कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को नवीन करघा तकनीक, धागों की गुणवत्ता पहचान, रंग संयोजन, डिजाइन विकास तथा कपड़े की फिनिशिंग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि किस प्रकार पारंपरिक डिजाइनों को आधुनिक फैशन ट्रेंड के अनुरूप ढालकर बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है।
प्रशिक्षण सत्र में बुनकरों को उत्पादन लागत कम करने, समय प्रबंधन, और सामूहिक उत्पादन मॉडल के लाभों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समूह में कार्य करने से कच्चे माल की खरीद सस्ती होती है और बड़े ऑर्डर पूरे करना भी आसान हो जाता है।
कार्यक्रम के दौरान विपणन और ब्रांडिंग से जुड़ा विशेष सत्र भी रखा गया, जिसमें प्रतिभागियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री, पैकेजिंग और ग्राहक तक सीधे पहुंच बनाने के तरीके बताए गए। बुनकरों को यह भी समझाया गया कि स्थानीय मेलों, हाट-बाजार और राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों में भाग लेकर अपने उत्पादों का प्रचार कैसे किया जा सकता है।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि सुकुलदैहान क्षेत्र के बुनकरों में कौशल की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही दिशा, आधुनिक प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बुनकरों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
प्रतिभागी बुनकरों ने भी प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि नई तकनीकों और डिजाइनों की जानकारी मिलने से उन्हें अपने उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। कई बुनकरों ने यह भी बताया कि उन्हें पहली बार डिजिटल माध्यम से बिक्री और ग्राहक संपर्क के बारे में विस्तार से जानकारी मिली।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों को नियमित रूप से अपनाएं और अन्य बुनकरों को भी इससे जोड़ें। आने वाले समय में बुनकर केन्द्र में उन्नत स्तर की डिजाइन एवं उत्पाद विकास कार्यशालाएं आयोजित करने की भी योजना बनाई जा रही है, ताकि सुकुलदैहान क्षेत्र के हस्तकरघा उत्पादों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
इस प्रशिक्षण कार्यशाला के माध्यम से स्थानीय बुनकरों को न केवल तकनीकी दक्षता मिली, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने का नया अवसर भी प्राप्त हुआ।
