जशपुर में बेटे ने कुल्हाड़ी से मां की हत्या कर शव के टुकड़े किए, गाने गाता रहा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया।
जशपुर। छत्तीसगढ़ में एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। रायगढ़ जिले में एक युवक ने अपनी ही मां की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी और फिर उसके शव के कई टुकड़े कर दिए। घटना के बाद वह युवक गाने गाता रहा और मानो किसी बड़े अपराध का बोझ महसूस ही नहीं कर रहा हो। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह दिल दहला देने वाली घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, घटना रायगढ़ जिले के एक गांव की है। यहां रहने वाले युवक का अपनी मां से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर उसने कुल्हाड़ी उठा ली और मां पर लगातार वार करता गया। मां की मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। युवक ने मृत मां के शव के कई टुकड़े कर दिए और घटनास्थल पर ही बैठकर गाने गाने लगा।
गांव में दहशत
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आस-पास के लोग जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आरोपी युवक गुनगुना रहा है और उसकी मां का शव टुकड़ों में बिखरा पड़ा है। लोग तुरंत पुलिस को सूचना देने पहुंचे।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुंचा। आरोपी को काबू करना आसान नहीं था क्योंकि वह मानसिक रूप से असंतुलित और हिंसक व्यवहार कर रहा था। पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से बड़ी मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार किया और थाने ले जाया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य की भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
समाज में आक्रोश
इस घटना से पूरे गांव और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ऐसी वारदात पहले कभी नहीं देखी। लोग आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पारिवारिक विवाद या मानसिक बीमारी?
पुलिस जांच में यह भी सामने आ सकता है कि आरोपी का व्यवहार लंबे समय से असामान्य था या यह केवल अचानक हुए विवाद का नतीजा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर गौर कर रही है।
निष्कर्ष
यह वारदात समाज के लिए एक गंभीर सवाल छोड़ जाती है कि आखिर घरेलू विवाद और मानसिक असंतुलन किस तरह भयावह रूप ले सकता है। परिवार और समाज में संवाद और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है।
