रायपुर में डीजे संचालकों और पुलिस की बैठक बेनतीजा, कोर्ट गाइडलाइन पालन अनिवार्य, आयोजक बोले – डीजे कार्यक्रम जारी रहेगा, विवाद जारी।
रायपुर। राजधानी रायपुर में डीजे संचालन को लेकर पुलिस और डीजे संचालकों के बीच हुई बैठक का कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। बैठक में पुलिस ने स्पष्ट किया कि सभी डीजे संचालन गतिविधियों में कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन अनिवार्य है। वहीं, डीजे संचालकों ने कहा कि वे अपने कार्यक्रमों को जारी रखेंगे और डीजे सिस्टम को चलाने से पीछे नहीं हटेंगे।
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बैठक में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने कहा कि कोर्ट की गाइडलाइन में निर्धारित शोर सीमा, समय और सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी अनियमितता की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ संबंधित आयोजन स्थगित भी किया जा सकता है।
डीजे संचालकों ने अपनी ओर से कहा कि उनके कार्यक्रम मुख्य रूप से युवाओं और समाज के मनोरंजन के लिए आयोजित किए जाते हैं। वे शोर सीमा और सुरक्षा नियमों का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन देते हैं। हालांकि, उनका यह भी कहना था कि नियम इतने सख्त हैं कि कभी-कभी उनका पालन करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन वे किसी भी हाल में अपने डीजे कार्यक्रमों को रोकने वाले नहीं हैं।
इस बैठक में शहर के विभिन्न डीजे संचालक, पुलिस उपायुक्त और संबंधित अधिकारी मौजूद थे। दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे, लेकिन आपसी सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद पुलिस ने कहा कि वे लगातार डीजे कार्यक्रमों की निगरानी करेंगे और किसी भी तरह की अनियमितता को गंभीरता से लेंगे। वहीं, संचालकों ने कहा कि वे कार्यक्रमों को समय और शोर सीमा का ध्यान रखते हुए आयोजित करेंगे।
राजधानी में डीजे संचालन को लेकर पिछले कुछ महीनों में बढ़ती शिकायतों के कारण यह बैठक आयोजित की गई थी। नागरिकों ने लगातार शिकायत की थी कि डीजे कार्यक्रमों के दौरान अत्यधिक शोर और सार्वजनिक स्थल पर अनुचित गतिविधियों के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डीजे संचालन और शांति बनाए रखने के बीच संतुलन जरूरी है। युवा वर्ग के मनोरंजन के अधिकार और सामान्य नागरिकों की सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखते हुए नियमों का पालन अनिवार्य है।
