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रायपुर में गहराता भीषण जल संकट

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 May 2026

रायपुर में जल संकट गहराया, गिरते भू-जल स्तर और लो-प्रेशर सप्लाई से लोग परेशान, टैंकरों पर निर्भरता बढ़ी, प्रशासनिक प्रयास नाकाफी साबित हो रहे।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रही है। शहर के कई वार्डों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट के कारण हैंडपंप और बोरवेल सूख चुके हैं, वहीं नगर निगम की सप्लाई भी लो-प्रेशर के चलते प्रभावित हो रही है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि लोगों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

शहर के विभिन्न इलाकों—जैसे टिकरापारा, शंकर नगर, संतोषी नगर और खमतराई—में सुबह-शाम पानी की सप्लाई या तो बंद हो चुकी है या बेहद कम दबाव में आ रही है। कई घरों में नलों से सिर्फ बूंद-बूंद पानी टपक रहा है, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है।

भू-जल स्तर में चिंताजनक गिरावट

विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल बारिश सामान्य से कम रही और जल संरक्षण के पर्याप्त उपाय नहीं किए गए। इसके चलते शहर का भू-जल स्तर तेजी से नीचे चला गया है। कई इलाकों में जलस्तर 20 से 30 फीट तक गिर चुका है, जिससे पारंपरिक जल स्रोत पूरी तरह सूख गए हैं।

टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता

जल संकट के कारण अब बड़ी संख्या में लोग पानी के टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। हालांकि, टैंकरों की उपलब्धता भी सीमित है और उनकी कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कई परिवारों को रोजाना 200 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बड़ी समस्या बन चुका है।

महिलाओं और बुजुर्गों पर बढ़ा बोझ

पानी की कमी का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ा है। उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। कई जगहों पर पानी भरने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी हो रही है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

नगर निगम ने दावा किया है कि जल संकट से निपटने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त टैंकरों की व्यवस्था की गई है और कुछ क्षेत्रों में पाइपलाइन सुधार का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है।

विशेषज्ञों की सलाह

जल विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से बचने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की जरूरत है। वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और भू-जल के अनियंत्रित दोहन पर रोक बेहद जरूरी है।

भविष्य के लिए चेतावनी

यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह संकट और गंभीर रूप ले सकता है। बढ़ती आबादी और जल संसाधनों के अंधाधुंध उपयोग के कारण शहर को स्थायी जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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