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जैविक खेती से बढ़ी पैदावार किसानों की आय

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 4 May 2026

रायपुर के किसान ने जैविक खेती अपनाकर पैदावार 5 से 22 क्विंटल तक बढ़ाई, लागत घटी, मुनाफा बढ़ा, अन्य किसानों के लिए बना प्रेरणा स्रोत।

रायपुर। रायपुर के किसानों के लिए जैविक खेती (ऑर्गेनिक फार्मिंग) उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। जहां पहले पारंपरिक खेती में सीमित उत्पादन हो रहा था, वहीं अब जैविक तरीकों को अपनाकर किसान न केवल उत्पादन बढ़ा रहे हैं, बल्कि लागत भी कम कर रहे हैं। एक स्थानीय किसान ने जैविक खेती अपनाकर अपनी फसल की पैदावार 5 क्विंटल से बढ़ाकर 22 क्विंटल से अधिक कर दी, जो क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।

कैसे हुआ यह बदलाव

किसान ने रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग बंद कर दिया और उसकी जगह गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट और जैविक घोलों का इस्तेमाल शुरू किया। साथ ही, फसल चक्र (Crop Rotation) और मल्चिंग जैसी तकनीकों को अपनाया गया, जिससे मिट्टी की उर्वरता में सुधार हुआ।

मिट्टी की सेहत में सुधार

विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार रासायनिक खेती से मिट्टी की गुणवत्ता खराब हो रही थी। जैविक खेती अपनाने से मिट्टी में जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ी, जिससे फसल की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में तेजी से इजाफा हुआ।

लागत में कमी, मुनाफा ज्यादा

जैविक खेती में शुरुआत में मेहनत अधिक लगती है, लेकिन लंबे समय में यह लाभदायक साबित होती है। किसान ने बताया कि पहले जहां खाद और दवाइयों पर ज्यादा खर्च होता था, अब वह खर्च काफी कम हो गया है, जिससे मुनाफा बढ़ा है।

बाजार में बढ़ी मांग

आजकल बाजार में जैविक उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हो रहे हैं और केमिकल-फ्री उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे में किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिल रहा है।

अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है। कई किसान अब जैविक खेती की ओर रुख कर रहे हैं और प्रशिक्षण लेकर नई तकनीकों को सीख रहे हैं।

सरकार की योजनाएं

सरकार भी जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। किसानों को प्रशिक्षण, सब्सिडी और तकनीकी सहायता दी जा रही है, जिससे वे आसानी से इस पद्धति को अपना सकें।

चुनौतियां भी मौजूद

हालांकि, जैविक खेती में कुछ चुनौतियां भी हैं। शुरुआत में उत्पादन कम हो सकता है और बाजार तक पहुंच बनाना भी आसान नहीं होता। लेकिन सही मार्गदर्शन और धैर्य से इन चुनौतियों को पार किया जा सकता है।

निष्कर्ष

रायपुर के इस किसान की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही तरीके से जैविक खेती अपनाई जाए, तो यह न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने का भी प्रभावी माध्यम बन सकती है।

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