जगदलपुर में पति ने फोन पर पत्नी को ट्रिपल तलाक देकर की दूसरी शादी, महिला ने थाने में दर्ज कराई शिकायत, पुलिस ने मामला दर्ज किया।
जगदलपुर।छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले में ट्रिपल तलाक से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक मुस्लिम युवक ने अपनी पत्नी को फोन पर तलाक बोलते हुए न केवल रिश्ता तोड़ दिया, बल्कि कुछ ही दिनों बाद दूसरी शादी भी कर ली। पीड़िता ने इस अन्याय के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामला महिला थाना जगदलपुर क्षेत्र का है, और पुलिस ने IPC और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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📌 क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 2020 में मुहम्मद आरिफ (बदला हुआ नाम) से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। कुछ साल तक सब ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे पति का व्यवहार बदल गया। वह पीड़िता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा और घर से बाहर निकालने की धमकी देता रहा।
हाल ही में आरोपी ने फोन पर ही तीन बार “तलाक, तलाक, तलाक” कहकर उसे तलाक दे दिया। पीड़िता को न तो कोई नोटिस मिला, न पंचायत, न मौलाना से कोई बातचीत। इसके कुछ ही दिनों बाद आरोपी ने एक दूसरी महिला से शादी कर ली।
📞 फोन पर तलाक: कानूनन अपराध
पीड़िता ने इस फोन पर दिए गए तलाक को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है।
वर्ष 2019 में लागू हुए The Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Act के अनुसार, कोई भी मुस्लिम पुरुष अगर अपनी पत्नी को मौखिक, लिखित या किसी भी माध्यम से तुरंत तीन तलाक देता है, तो यह गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे मामलों में आरोपी को 3 साल तक की सजा और जुर्माना हो सकता है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
महिला की शिकायत के आधार पर जगदलपुर महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं में केस दर्ज किया है:
- धारा 498A (दहेज प्रताड़ना)
- मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 3, 4
- आईपीसी की अन्य सुसंगत धाराएं
पुलिस ने बताया कि आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है।
समाज में रोष
घटना की जानकारी मिलते ही कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि ट्रिपल तलाक कानून लागू होने के बावजूद ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
पीड़िता की मांग
पीड़िता ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर सजा देने और दूसरी शादी को रद्द करने की मांग की है। साथ ही, उसने सरकार से आर्थिक सहायता और सुरक्षा की भी मांग की है।
कानूनी विशेषज्ञ की राय
एडवोकेट आरिफ खान, हाईकोर्ट वकील कहते हैं,
“फोन पर तलाक देना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि 2019 के कानून के तहत गंभीर दंडनीय अपराध है। पुलिस को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि संदेश जाए कि कानून की अवहेलना बर्दाश्त नहीं होगी।”
