शराब के लिए पैसे न देने पर दामाद ने ससुर को जिंदा जलाया, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, मामला कोरबा जिले का है।
कोरबा।छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया था, जहां एक दामाद ने अपने ही ससुर को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया। अब इस निर्मम हत्या के आरोपी को कोरबा जिला न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 2022 में जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत दर्रीटोला में हुआ था।
हत्या का खौफनाक कारण: शराब के लिए पैसे न मिलना
आरोपी राकेश कुमार (30 वर्ष) को शराब की लत थी। वह अक्सर अपने ससुर गंगाराम साहू (65 वर्ष) से शराब के लिए पैसे मांगता था।
घटना वाले दिन भी राकेश ने पैसे मांगे, लेकिन जब ससुर ने देने से इनकार कर दिया, तो उसने पहले गाली-गलौज की और फिर मिट्टी तेल डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
घटना के समय गंगाराम अपने घर के आंगन में बैठे थे। आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और गंगाराम को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को किया गिरफ्तार
वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने स्थानीय सूत्रों, मोबाइल लोकेशन और ग्रामीणों के बयान के आधार पर 24 घंटे में आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया था।
उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया।
कोर्ट में पेश हुए 12 गवाह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 गवाहों के बयान कोर्ट में प्रस्तुत किए, जिनमें पीड़ित परिवार, पड़ोसी और चिकित्सकीय अधिकारी शामिल थे।
आरोपी की तरफ से बचाव में कोई मजबूत सबूत नहीं दिया गया, जिससे कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया।
कोर्ट का फैसला: आजीवन कारावास
कोरबा के सेशन जज आर.एल. चौहान की अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
जज ने टिप्पणी की कि “ससुर जैसे सम्मानित रिश्ते की हत्या समाज में भय पैदा करने वाली घटना है और इसके लिए कठोर सजा जरूरी है।”
सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया था। सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की थी।
अब जब कोर्ट का फैसला आया है, तो पीड़ित परिवार और गांववालों ने राहत की सांस ली है।
