सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती विहार रायपुर में कन्या भोज का भव्य आयोजन हुआ, जहां कन्याओं का पूजन, भजन और प्रसाद वितरण से धार्मिक-सांस्कृतिक माहौल सजीव हुआ।
रायपुर। सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरस्वती विहार में शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को कन्या भोज का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार के साथ-साथ अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कन्या भोज का शुभारंभ विद्यालय प्रांगण में मां सरस्वती, भारत माता और ओम के छायाचित्र पर अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके पश्चात मां दुर्गा की आरती के साथ पूरे वातावरण में धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
मुख्य अतिथि और उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री देवेन्द्र पटेल (अभिभावक), श्रीमती किरण द्विवेदी (अभिभावक), श्रीमती उत्तरा वर्मा (बालिका विभाग की प्राचार्या), श्री गिरीश चंद्र वर्मा (बालक विभाग के प्राचार्य), श्री नेतराम शर्मा (वरिष्ठ आचार्य), समस्त आचार्यगण, विद्यालय के भैय्या-बहन और अभिभावकगण उपस्थित थे। लगभग 10 अभिभावक माताएं भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुईं और आयोजन की सराहना की।
नौ कन्याओं का पूजन और सम्मान
कन्या भोज की शुरुआत नौ कन्याओं के चरण धोकर की गई। इसके बाद उन्हें पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित किया गया और सुन्दर श्रृंगार के साथ देवी स्वरूप माना गया। विद्यालय परिवार ने देवी कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया। यह परंपरा नवरात्रि के अवसर पर देवी शक्ति के प्रतीक के रूप में कन्याओं की पूजा का महत्वपूर्ण संदेश देती है।
स्वादिष्ट भोजन और प्रसाद वितरण
पूजन उपरांत नौ कन्याओं को स्वादिष्ट भोजन परोसा गया। इसके बाद विद्यालय के सभी भैय्या-बहनों को बैठाकर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर बच्चों के चेहरों पर प्रसन्नता और उत्साह साफ झलक रहा था।
सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम
कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं के भैय्या-बहनों ने मां दुर्गा के भजन प्रस्तुत किए। इन मधुर भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
अभिभावकों की भूमिका
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावक माताओं ने विद्यालय परिवार के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों में परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता पैदा करते हैं।
कार्यक्रम का महत्व
कन्या भोज केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम है। इस आयोजन से बच्चों को यह सीख मिली कि समाज में कन्याओं का सम्मान करना हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है।
विद्यालय परिवार का योगदान
इस कार्यक्रम की सफलता में विद्यालय के प्राचार्य, सभी आचार्यगण और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सामूहिक सहयोग और उत्साह से इस आयोजन ने एकता और संस्कारों की मिसाल पेश की।
निष्कर्ष
कन्या भोज जैसे आयोजन न केवल कन्याओं के सम्मान को दर्शाते हैं बल्कि भावी पीढ़ी को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ते हैं। सरस्वती शिशु मंदिर सरस्वती विहार रायपुर का यह आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश छोड़ गया।
