झुमका जलाशय में मॉकड्रिल में डूबते और टापू में फंसे 10 लोगों को बचाया गया। बचाव दल और स्थानीय प्रशासन की सफलता सुनिश्चित हुई।
रायपुर। झुमका जलाशय में आयोजित मॉकड्रिल में आपातकालीन बचाव अभ्यास के दौरान डूबते को बचाया गया और टापू में फंसे 2 मछुवारे सहित कुल 10 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
मॉकड्रिल का उद्देश्य
झुमका जलाशय में यह मॉकड्रिल राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय बचाव दल की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य जलस्रोतों पर होने वाली आपदाओं में त्वरित और सुरक्षित बचाव सुनिश्चित करना है।
बचाव कार्य की रूपरेखा
इस अभ्यास में शामिल लोग जलाशय के विभिन्न खतरों से सामना कर रहे थे:
- डूबते व्यक्ति का त्वरित रेस्क्यू
- टापू में फंसे मछुआरों की निकासी
- पानी में सुरक्षित मार्ग तैयार करना
- बचाव उपकरणों और नावों का उपयोग
10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में स्थानीय गोताखोर और बचाव दल ने प्रमुख भूमिका निभाई।
अधिकारीयों की भूमिका
इस अभ्यास में स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल सक्रिय रूप से शामिल थे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा कि यह अभ्यास वास्तविक आपदा के समय तेजी से निर्णय लेने और बचाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में मदद करेगा।
उप मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के अधिकारीयों ने इस मॉकड्रिल का निरीक्षण किया और दल के प्रयासों की सराहना की।

तकनीकी और उपकरण
मॉकड्रिल में बचाव दल ने आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया:
- रेस्क्यू नावें
- लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरण
- रेस्क्यू रोप्स और रिंग्स
- जल में तैरने और बचाव के लिए विशेष तकनीक
इस अभ्यास ने यह सुनिश्चित किया कि हर सदस्य को सुरक्षित और प्रभावी बचाव तकनीक का प्रशिक्षण प्राप्त हो।
स्थानीय मछुआरों और नागरिकों की सुरक्षा
इस मॉकड्रिल का एक उद्देश्य स्थानीय मछुआरों और जलाशय के आसपास रहने वाले नागरिकों को जागरूक करना भी था। अधिकारियों ने कहा कि जलाशयों में जोखिम कम करने और जीवन की सुरक्षा के लिए सावधानीपूर्वक कदम उठाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण और जागरूकता
बचाव दल ने स्थानीय लोगों को भी जलाशयों में सुरक्षित रहने के उपाय, आपातकालीन कॉल और रेस्क्यू तकनीक की जानकारी दी। यह पहल ग्रामीण और जलाशय आसपास के नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतना बढ़ाने में सहायक साबित होगी।
भविष्य की योजना
जिला प्रशासन ने घोषणा की कि आने वाले समय में झुमका जलाशय सहित अन्य जलाशयों में भी नियमित मॉकड्रिल आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य है कि हर नागरिक और बचाव दल वास्तविक स्थिति में सक्षम और तैयार रहें।
निष्कर्ष
झुमका जलाशय में आयोजित यह मॉकड्रिल सुरक्षा, जागरूकता और बचाव दल की दक्षता को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण अभ्यास था। 10 लोगों की सुरक्षित निकासी इस अभ्यास की सफलता का प्रमाण है।
