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इलाज से पहले मरीजों की थकान बढ़ी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 1 May 2026

रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में डॉक्टर तक पहुंचने में 3 घंटे, डीकेएस में एक्सरे और रिपोर्ट में देरी, मरीजों को इलाज से पहले परेशानी

रायपुर। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की धीमी रफ्तार मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि अंबेडकर अस्पताल में मरीजों को डॉक्टर तक पहुंचने में करीब तीन घंटे लग रहे हैं, जबकि डीकेएस अस्पताल में एक्स-रे और रिपोर्ट मिलने में देरी से मरीजों की मुश्किलें और बढ़ रही हैं।

यह स्थिति सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी चुनौतियों को उजागर करती है, जहां इलाज से पहले ही मरीज थकान और परेशानी का सामना कर रहे हैं।

अंबेडकर अस्पताल में लंबा इंतजार

डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में मरीजों को सुबह से लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।

स्थिति कुछ इस प्रकार है:

  • पंजीयन के लिए लंबी लाइन
  • डॉक्टर से मिलने में 3 घंटे तक का समय
  • भीड़ के कारण अव्यवस्था

इससे मरीजों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। 🏥

डीकेएस अस्पताल में जांच में देरी

डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में जांच प्रक्रिया भी धीमी है।

मुख्य समस्याएं:

  • एक्स-रे के लिए लंबा इंतजार
  • रिपोर्ट देर से मिलना
  • समय पर विशेषज्ञ से परामर्श नहीं मिल पाना

मरीजों और परिजनों की परेशानी

मरीजों का कहना है कि:

  • पूरे दिन अस्पताल में बिताना पड़ता है
  • बार-बार आना-जाना पड़ता है
  • इलाज में देरी से स्थिति बिगड़ सकती है

स्टाफ और संसाधनों की कमी

विशेषज्ञों के अनुसार:

  • डॉक्टरों की कमी
  • तकनीकी स्टाफ की कमी
  • बढ़ती मरीजों की संख्या

इन कारणों से व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लगातार सामने आ रही ऐसी समस्याओं से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सुधार की जरूरत

संभावित समाधान:

  • डॉक्टरों और स्टाफ की संख्या बढ़ाना
  • जांच प्रक्रिया को तेज करना
  • डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना

प्रशासन की जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

भविष्य की चुनौती

यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो मरीजों का भरोसा सरकारी अस्पतालों से कम हो सकता है।

निष्कर्ष

रायपुर के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज से पहले ही लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। समय रहते सुधार बेहद जरूरी है।

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