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कमजोर पड़ते नक्सली अब ग्रामीणों पर निकाल रहे गुस्सा

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 1 August 2025

2025 में नक्सली हिंसा में अब तक 30 ग्रामीणों की मौत, बौखलाए नक्सली मासूमों को बना रहे निशाना, सरकार ने कार्रवाई और सुरक्षा बढ़ाई।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई के चलते अब नक्सली संगठनों की पकड़ कमजोर होती जा रही है। लेकिन अपनी हार की बौखलाहट में नक्सली अब मासूम ग्रामीणों को निशाना बना रहे हैं। वर्ष 2025 में अब तक नक्सली हिंसा में 30 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों की जान जा चुकी है, जिससे इलाके में भय और तनाव का माहौल गहरा गया है।

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नक्सलियों की हिंसा का नया चेहरा – ग्रामीणों पर बढ़ते हमले

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, बीते महीनों में नक्सलियों की ओर से हिंसक घटनाओं में एक नई प्रवृत्ति देखी गई है। पहले जहां नक्सली मुख्यतः पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को निशाना बनाते थे, अब वे अपनी पकड़ खोने के कारण ग्रामीणों पर अत्याचार कर रहे हैं। ग्रामीणों को पुलिस का मुखबिर बताकर हत्या, अगवा और धमकी देने जैसे कृत्य लगातार सामने आ रहे हैं।

आंकड़े दे रहे हैं भयावह तस्वीर

राज्य सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से जुलाई 2025 तक नक्सली हिंसा में 30 निर्दोष ग्रामीणों की हत्या हो चुकी है। इनमें दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और कांकेर जैसे ज़िले प्रमुख हैं। ये हत्याएं आमतौर पर रात के समय की जाती हैं, जब ग्रामीणों के पास आत्मरक्षा का कोई साधन नहीं होता।

सुरक्षा बलों का ऑपरेशन तेज, फिर भी बौखलाए नक्सली

छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त ऑपरेशन के कारण जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियाँ सीमित हो गई हैं। पिछले छह महीनों में दर्जनों बड़े नक्सली मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं और कई को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन इसका नतीजा यह हो रहा है कि नक्सली अब अपनी ताकत दिखाने के लिए मासूमों को निशाना बना रहे हैं।

ग्रामवासियों का बढ़ता गुस्सा और डर

इन घटनाओं ने ग्रामीणों के बीच गहरा डर पैदा कर दिया है। बहुत से गांवों में लोग रात होने के बाद बाहर निकलने से डरते हैं। कुछ स्थानों पर लोगों ने गाँव छोड़कर सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन भी शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि वे दो तरफा दबाव में हैं – एक ओर नक्सली हैं, दूसरी ओर पुलिस जांच।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सली हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि “यह कायरता पूर्ण कृत्य है। सरकार निर्दोषों की हत्या करने वाले हर नक्सली को उसके अंजाम तक पहुँचाएगी।” गृह मंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) ने प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की समीक्षा कर गश्त बढ़ाने और खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।

मानवाधिकार संगठनों की अपील

मानवाधिकार संगठनों ने भी इन हत्याओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि निर्दोषों की सुरक्षा के लिए विशेष राहत और पुनर्वास योजनाएं शुरू की जाएं। साथ ही, नक्सल प्रभावित गांवों में सीसीटीवी कैमरे, सोलर लाइट और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित किए जाएं।

समाधान की दिशा में बढ़ते कदम

छत्तीसगढ़ सरकार अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास योजनाओं को गति देने की रणनीति पर काम कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार पर ज़ोर देकर युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है ताकि उन्हें हिंसा का रास्ता अपनाने से रोका जा सके।

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