रायगढ़ में तीन तलाक मामले में महिला की ननद गिरफ्तार, पति और अन्य आरोपी फरार, पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच।
कांकेर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक महिला को तीन तलाक देने के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसकी ननद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पति और अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। यह मामला महिलाओं के अधिकारों और तीन तलाक जैसे गंभीर मुद्दों पर कानूनी सख्ती की पुष्टि करता है।
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मामला क्या है?
रायगढ़ निवासी पीड़ित महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पति ने बिना किसी वैध कारण के उसे तीन तलाक दे दिया। महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसमें ससुराल पक्ष की महिलाएं और अन्य सदस्य शामिल थे।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
शिकायत के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और IPC व मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने महिला की ननद को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पति और अन्य आरोपी रिश्तेदार फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पीड़िता की आपबीती
पीड़िता ने बताया कि उसके पति ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। बाद में फोन पर तीन बार “तलाक” बोलकर रिश्ता खत्म करने का दावा किया गया।
समाज में संदेश
तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भी ऐसे मामलों का सामने आना चिंताजनक है। यह मामला इस बात का प्रमाण है कि महिलाओं को अभी भी अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है।
कानून क्या कहता है?
मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत तीन तलाक गैरकानूनी और दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले पति को तीन साल तक की जेल हो सकती है और पीड़िता को भरण-पोषण और बच्चों की कस्टडी का हक मिल सकता है।
पुलिस का बयान
थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की गई है। ननद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई
पुलिस की टीम अन्य आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने में लगी है और तकनीकी सहायता भी ली जा रही है। पीड़िता को महिला हेल्पलाइन से भी जोड़ा गया है ताकि उसे मानसिक और कानूनी सहायता मिल सके।
