छत्तीसगढ़ पुलिस ने नाइजीरियन और दक्षिण अफ्रीकी साइबर ठगों को गिरफ्तार कर अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया, लाखों की ऑनलाइन धोखाधड़ी का खुलासा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक अहम सफलता हासिल करते हुए नाइजीरियन और दक्षिण अफ्रीकी मूल के दो अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ऑनलाइन ठगी के माध्यम से लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर चुके थे। पुलिस की स्पेशल साइबर सेल और तकनीकी टीम की मदद से दोनों को ट्रैक कर पकड़ा गया।
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ठगी का तरीका
गिरफ्तार आरोपी खुद को विदेशी कंपनी के प्रतिनिधि, मॉडल या फर्जी कारोबारी बताकर भारतीय नागरिकों से संपर्क करते थे। वे सोशल मीडिया और ईमेल के माध्यम से पहले भरोसा जीतते और फिर झूठे व्यापारिक प्रस्ताव, विदेशी गिफ्ट या निवेश के नाम पर मोटी रकम ऐंठते थे। कई मामलों में ये पीड़ितों से ‘कस्टम क्लियरेंस चार्ज’ या ‘गिफ्ट टैक्स’ के नाम पर भी पैसे वसूलते थे।
जांच और गिरफ्तारी
छत्तीसगढ़ में हाल ही में एक व्यापारी से लगभग ₹25 लाख की ठगी की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और साइबर लोकेशन ट्रेस करते हुए इन दोनों विदेशी नागरिकों तक पहुंची। दिल्ली और मुंबई के ठिकानों पर छापेमारी के बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया।
बरामद सामान
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से कई फर्जी पासपोर्ट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, विदेशी मुद्रा और नकली दस्तावेज बरामद किए हैं। शुरुआती पूछताछ में उन्होंने कई राज्यों में ठगी की बात कबूल की है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के लालच भरे प्रस्ताव पर भरोसा न करें। सोशल मीडिया और ईमेल पर प्राप्त संदिग्ध ऑफर को नजरअंदाज करें और कभी भी अपने बैंक या व्यक्तिगत दस्तावेज साझा न करें।
अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा
जांच में सामने आया है कि ये आरोपी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह से जुड़े हैं, जिसका नेटवर्क नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका और भारत के कई हिस्सों में फैला हुआ है। पुलिस अब उनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।
आगे की कार्रवाई
दोनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि इनके नेटवर्क और ठगी के तरीकों की विस्तृत जानकारी मिल सके।
