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निगम की बेरुखी: नए पार्षद नहीं करवा पा रहे

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 16 December 2025

रायपुर नगर निगम की बेरुखी से नए पार्षद विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं। वार्डों में समस्याएं जस की तस, जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

रायपुर। नगर निगम रायपुर में नए पार्षदों के चुने जाने के बाद भी वार्डों की स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। कई इलाकों में बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सफाई जैसी जरूरतों को लेकर नागरिक लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन निगम प्रशासन की बेरुखी के चलते काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इसका सीधा असर नए पार्षदों की कार्यक्षमता और जनता के भरोसे पर पड़ रहा है।

फाइलों में उलझे विकास कार्य

नए पार्षदों का कहना है कि वे जनता की समस्याओं को लेकर लगातार निगम अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में फाइलें टेबल से आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। टेंडर प्रक्रिया, बजट स्वीकृति और तकनीकी अनुमोदन के नाम पर महीनों से प्रस्ताव लंबित हैं। इससे वार्डों में छोटे-छोटे कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहे।

अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप

कई पार्षदों ने आरोप लगाया है कि निगम के कुछ अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। नए पार्षदों को अनुभवहीन बताकर उनके प्रस्तावों को नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पार्षद और अधिकारी वर्ग के बीच समन्वय की कमी साफ दिखाई दे रही है।

जनता में नाराजगी, पार्षदों पर दबाव

वार्डों में रहने वाले नागरिक पार्षदों से जवाब मांग रहे हैं। चुनाव के दौरान किए गए वादों को याद दिलाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर काम नहीं हुए तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। कई वार्डों में नागरिक समूह निगम कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।

पार्षदों ने उठाई आवाज

नए पार्षदों ने निगम प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और फाइलों के अनावश्यक विलंब को खत्म किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो इसका सीधा नुकसान शहर की जनता को होगा और जनप्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित होगी।

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