रायपुर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई, 6.35 टन नकली खोवा-पनीर-एनालॉग जब्त। 14.6 लाख की मिलावटी सामग्री से स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा टला।
रायपुर। त्योहारों के मौसम में आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने रायपुर में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर करीब 6.35 टन नकली खोवा, पनीर और पनीर एनालॉग जब्त किया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14.6 लाख रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
त्योहारों से पहले सख्ती
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में नकली और मिलावटी दुग्ध उत्पादों की खपत तेजी से बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए रायपुर में विशेष अभियान चलाया गया था। जांच के दौरान संदेह के आधार पर गोदामों और डेयरियों की तलाशी ली गई, जहां भारी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री पाई गई।
क्या है पनीर एनालॉग?
जांच में पाया गया कि जब्त सामग्री में बड़ी मात्रा में पनीर एनालॉग शामिल है, जो असली दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल, स्टार्च और रसायनों से तैयार किया जाता है। इसे असली पनीर के नाम पर बाजार में बेचा जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
लैब जांच के लिए भेजे गए सैंपल
FDA अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए खोवा, पनीर और पनीर एनालॉग के सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और लाइसेंस निरस्तीकरण तक का प्रावधान है।
जनता से सतर्क रहने की अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सस्ते दामों में मिलने वाले दुग्ध उत्पादों से सावधान रहें। खोवा और पनीर खरीदते समय रंग, गंध और बनावट पर विशेष ध्यान दें। किसी भी तरह की शिकायत होने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।
कार्रवाई जारी रहेगी
अधिकारियों ने साफ किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। रायपुर सहित पूरे जिले में लगातार निरीक्षण और छापेमारी की जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
