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हाईकोर्ट ने बिलासपुर-रायपुर हाईवे की हालत पर लगाई फटकार

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 August 2025

बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाली पर हाईकोर्ट सख्त, NHAI के प्रोजेक्ट मैनेजर को लगाई फटकार, तीन सप्ताह में मांगा जवाब।

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway – NH) की बदहाल स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट मैनेजर को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि यदि सड़क की स्थिति में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो कोर्ट को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। कोर्ट ने NHAI के अधिकारियों से तीन सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब तलब किया है।

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यह मामला एक जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट की नजर में आया, जिसमें याचिकाकर्ता ने सड़क की जर्जर स्थिति, बड़े-बड़े गड्ढों, और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, NH-130A (बिलासपुर से रायपुर मार्ग) पर लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे जान-माल की हानि हो रही है। इसके पीछे कारण बताया गया कि इस सड़क पर लंबे समय से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है।

हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्गों पर इस तरह की बदहाली अस्वीकार्य है। केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।” कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर समयसीमा में जवाब नहीं मिला या कार्य प्रगति में नहीं दिखा, तो कोर्ट अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी कर सकता है।

दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि

बिलासपुर-रायपुर मार्ग पर खराब सड़क की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते तीन महीनों में इस सड़क पर 50 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं।

जिम्मेदार कौन?

स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि प्रोजेक्ट को वर्षों पहले पूरा कर दिया जाना था, लेकिन लापरवाही, ठेकेदारों की उदासीनता और NHAI की अनदेखी के चलते यह सड़क अब जानलेवा बन चुकी है। कुछ हिस्सों में सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है, जहां बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है।

सरकार और प्रशासन की भूमिका

हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग केंद्र सरकार के अधीन आता है और मरम्मत की जिम्मेदारी NHAI की है। वहीं, NHAI की ओर से तर्क दिया गया कि ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया है और नए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। परंतु कोर्ट ने इस तर्क को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए अधिकारियों को कटघरे में खड़ा कर दिया।

जनता में रोष

स्थानीय नागरिकों, ट्रक यूनियन और यात्रियों में इस मुद्दे को लेकर खासा आक्रोश है। आए दिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। व्यापारियों को परिवहन में देरी और माल की हानि झेलनी पड़ रही है। मेडिकल इमरजेंसी में भी लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचने में मुश्किल होती है।

हाईकोर्ट की कार्रवाई से उम्मीद

हाईकोर्ट की सख्ती से अब लोगों में उम्मीद जगी है कि इस सड़क पर सुधार कार्य जल्द शुरू होगा। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख से पहले प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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