स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर में औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानी, लापरवाही पर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश।
बीजापुर । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजापुर जिले के सुदूर और आदिवासी बहुल क्षेत्रों का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने सरकारी अस्पतालों, उपस्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों का दौरा किया और वहां की व्यवस्था का गहनता से अध्ययन किया।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री जायसवाल ने अस्पतालों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, दवा की कमी और उपकरणों की अनुपलब्धता पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गहरा असंतोष
बीजापुर जिले के कई इलाकों में पहुंचकर मंत्री ने देखा कि कुछ स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी है, जबकि कुछ जगहों पर आवश्यक दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार का उद्देश्य है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिले, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
स्वास्थ्य मंत्री ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है, और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति बहुत कम रहती है।
सुधार के लिए अधिकारियों को मिले निर्देश
मंत्री जायसवाल ने सीएमएचओ और ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और सभी आवश्यक दवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बीजापुर के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि “आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती हमारी प्राथमिकता है। हम सिर्फ निरीक्षण करने नहीं आए हैं, बल्कि इन इलाकों को मॉडल हेल्थ सिस्टम की दिशा में ले जाना हमारा लक्ष्य है।”
जन संवाद से मिली ज़मीनी जानकारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों से मुलाकात कर स्वास्थ्य केंद्रों की वास्तविक स्थिति के बारे में फीडबैक लिया। ग्रामीणों ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में एम्बुलेंस की सुविधा समय पर नहीं पहुंचती और गंभीर मरीजों को निजी वाहनों से ले जाना पड़ता है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने 108 एम्बुलेंस सेवा की स्थिति की जांच करने और जरूरत पड़ने पर नए वाहनों की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “समय पर एम्बुलेंस की सुविधा पहुंचना ज़रूरी है, क्योंकि यह जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर बन सकती है।”
सरकार की प्राथमिकता: आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था का सशक्तिकरण
मंत्री जायसवाल ने कहा कि आने वाले समय में बीजापुर समेत समस्त बस्तर अंचल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना है। इस दिशा में डॉक्टरों की तैनाती, उपकरणों की आपूर्ति और इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मोबाइल मेडिकल यूनिट्स शुरू करने जा रही है, जिससे उन इलाकों में पहुंचा जा सके जहां स्थायी स्वास्थ्य केंद्र नहीं हैं।
नियमित मॉनिटरिंग के संकेत
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और हर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता से प्राप्त फीडबैक के आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन होगा और खराब प्रदर्शन वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
