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बिलासपुर में बिहान दीदियों ने तिरंगा बाजार लगाया

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 7 August 2025

बिहान दीदियों ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत बिलासपुर में स्वदेशी उत्पादों का तिरंगा बाजार लगाया, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।


बिलासपुर, रायपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत “हर घर तिरंगा” अभियान पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बिहान दीदियों ने एक अनोखी पहल करते हुए स्वदेशी उत्पादों का तिरंगा बाजार लगाया है। यह बाजार न केवल राष्ट्रीय भावना को प्रकट करता है, बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का भी प्रतीक बन गया है।

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स्वावलंबन और स्वदेशी को बढ़ावा

बाजार में बिहान स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित झंडे, कपड़े, सजावटी वस्तुएं, राखियां, खाद्य सामग्री और कई अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। सभी उत्पादों में भारतीय संस्कृति, परंपरा और तिरंगे के रंगों की झलक देखने को मिल रही है।

जिला पंचायत सीईओ राहुल देवांगन ने बाजार का शुभारंभ करते हुए कहा, “बिहान दीदियां स्वदेशी और स्वावलंबन की सच्ची मिसाल हैं। उन्होंने आज नारी शक्ति और राष्ट्रप्रेम का अनूठा संगम प्रस्तुत किया है।”

स्थानीय उत्पादों को मिला नया मंच

बाजार में स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को बेहतरीन तरीके से सजाया गया है। इन वस्तुओं की खासियत यह है कि इन्हें बनाने में पूरी तरह स्थानीय संसाधनों का उपयोग हुआ है, जिससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिलती है।

कपड़ा स्टॉल पर महिलाएं खुद द्वारा सिलाई की गई तिरंगा थीम की साड़ियां, कुर्तियां और बच्चों के वस्त्र बेच रही थीं। वहीं फूड स्टॉल्स में घर पर बनाए गए अचार, पापड़, और तिरंगा मिठाइयों ने लोगों का ध्यान खींचा।

आत्मनिर्भर महिला समूहों का संदेश

बिहान की सदस्यों ने कहा कि इस तरह के आयोजन उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं। बाजार में ग्राहकों की भीड़ और सकारात्मक प्रतिक्रिया से उन्हें प्रोत्साहन मिला है।

सुनीता यादव, बिहान समूह की सदस्या ने बताया, “पहले हम केवल घर में सीमित थे, लेकिन अब सरकार की योजनाओं और प्रशिक्षण से हम खुद बाजार चला रही हैं। तिरंगा बाजार हमारे लिए गर्व की बात है।”

तिरंगा बाजार का राष्ट्रीय संदेश

यह बाजार केवल एक बिक्री केंद्र नहीं, बल्कि एक राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी भावना का जन-संदेश है। हर वस्तु में देशभक्ति का रंग, आत्मनिर्भरता की झलक और महिला सशक्तिकरण की महक है।

इस पहल से प्रेरणा लेते हुए अन्य जिलों में भी इस प्रकार के बाजारों को लगाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे और अधिक महिलाओं को रोजगार और मंच मिल सके।


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