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गणेश चतुर्थी 2025: स्थापना और पूजा की पूरी जानकारी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 26 August 2025

गणेश चतुर्थी 2025, 27 अगस्त, शुभ मुहूर्त, गणपति स्थापना, पूजा विधि, आरती, मोदक, लड्डू, विसर्जन, घर में समृद्धि, सुख-शांति, व्रत, परंपरा, धार्मिक महत्व

रायपुर। गणेश चतुर्थी 2025 इस वर्ष 27 अगस्त को मनाई जाएगी। यह पर्व भगवान गणेश की पूजा और आराधना का प्रतीक है। इस दिन विशेष रूप से गणपति बप्पा की स्थापना और पूजा-अर्चना का महत्व है।

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स्थापना का मुहूर्त:
पंडितों और ज्योतिषियों के अनुसार गणपति स्थापना के लिए इस वर्ष दो शुभ मुहूर्त निर्धारित किए गए हैं। पहला मुहूर्त प्रातः 08:45 बजे से 09:30 बजे तक और दूसरा अपराह्न 16:15 बजे से 17:00 बजे तक रहेगा। इस समय में गणपति की स्थापना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

पूजा की विधि:
गणपति स्थापना के लिए सबसे पहले घर की सफाई की जाती है। स्थापना स्थल पर स्वच्छ लाल कपड़ा बिछाकर गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाती है। इसके बाद हल्दी, कुंकुम और चावल से तिलक लगाकर विधि अनुसार पूजन सामग्री जैसे दूर्वा, मोदक, मिठाई, फूल, अक्षत और जल का प्रयोग किया जाता है। पूजा के दौरान गणपति मंत्रों का जाप और आरती करना अनिवार्य होता है।

विशेष बातें:

  • गणेश चतुर्थी पर मोदक, लड्डू और मिठाइयों का भोग लगाया जाता है।
  • इस दिन व्रत रखने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • बच्चों और घर के सभी सदस्य मिलकर पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

अंतिम शुभ मुहूर्त:
पूजा समाप्त होने के बाद प्रतिमा की आरती की जाती है। इस वर्ष गणपति विसर्जन का समय 30 अगस्त को दोपहर 12 बजे के बाद शुभ रहेगा। विसर्जन के समय नदी, तालाब या अन्य जल स्रोत में प्रतिमा विसर्जित करने से बप्पा की कृपा घर पर बनी रहती है।

सारांश:
गणेश चतुर्थी न केवल धार्मिक अवसर है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक भी है। सही मुहूर्त और विधि अनुसार पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि और परिवार में एकता बनी रहती है।


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