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राजनांदगांव में 684 छात्रों के लिए मुफ्त NEET-JEE कोचिंग

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 September 2025

राजनांदगांव में 684 विद्यार्थियों के लिए NEET-JEE मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम शुरू, मुख्यमंत्री साय और जिला प्रशासन ने शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल की।

राजनांदगांव। शिक्षा और विद्यार्थियों के विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार की लगातार प्रयासरत पहल के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में 684 विद्यार्थियों के लिए NEET और JEE की मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने का सपना देखते हैं।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कलेक्टर ने बताया कि यह पहल जिले में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में सफलता के लिए उचित मार्गदर्शन, संसाधन और मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। मुफ्त कोचिंग के माध्यम से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आर्थिक स्थिति किसी भी विद्यार्थी की सफलता में बाधा न बने।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में क्षमता है और उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर वह देश और दुनिया में अपनी छाप छोड़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस कार्यक्रम में चयनित सभी विद्यार्थियों को समय पर शिक्षण सामग्री, डिजिटल संसाधन और नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

इस कोचिंग कार्यक्रम में विशेष तौर पर प्रशिक्षित शिक्षक शामिल होंगे, जो विद्यार्थियों की परीक्षा की तैयारी को पूरी तरह से दिशा देने का कार्य करेंगे। कक्षा में पढ़ाई के साथ-साथ ऑनलाइन टेस्ट सीरीज और मॉक एग्जाम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थी वास्तविक परीक्षा के अनुभव से परिचित हो सकें।

कार्यक्रम में शामिल हुए कुछ छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह अवसर उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी महंगी कोचिंग संस्थाओं में जाकर ही संभव होती थी। अब मुफ्त कोचिंग मिलने से उनकी शिक्षा की राह आसान हो गई है।

जिले के शिक्षा विभाग ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समन्वय और निगरानी की पूरी व्यवस्था की है। प्रत्येक कक्षा, शिक्षक और विद्यार्थी की प्रगति का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस पहल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर विद्यार्थी को व्यक्तिगत मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता मिल सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से केवल विद्यार्थियों को लाभ नहीं होगा, बल्कि पूरे जिले में शिक्षा का स्तर सुधार होगा और अधिक प्रतिभाशाली छात्र राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में राज्य का नाम रोशन करेंगे।

इसके अलावा, इस कोचिंग कार्यक्रम में छात्रों के मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए नियमित सेमिनार और वर्कशॉप का आयोजन भी किया जाएगा। विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को परीक्षा की रणनीति, समय प्रबंधन और तनाव कम करने के उपाय बताएंगे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस तरह की पहलों का उद्देश्य केवल परीक्षा की तैयारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में भी मदद करती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है कि शिक्षा के क्षेत्र में कोई भी छात्र पीछे न रह जाए।

इस कार्यक्रम के माध्यम से 684 छात्र-छात्राओं को सीधे लाभ मिलेगा, जबकि इसके सकारात्मक प्रभाव से पूरे जिले के शिक्षा क्षेत्र में सुधार और प्रेरणा की लहर दौड़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि आगामी वर्षों में इस कार्यक्रम को और विस्तृत किया जाएगा ताकि और अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

इस ऐतिहासिक पहल को देखकर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने भी इसे अन्य जिलों में लागू करने पर विचार शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री साय का मानना है कि केवल योजनाओं की घोषणा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका सफल क्रियान्वयन और प्रभावी निगरानी भी अत्यंत आवश्यक है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षक समुदाय ने मुख्यमंत्री साय और जिला प्रशासन की इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उत्साह और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में भाग लेने की तैयारी बढ़ाते हैं।

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