मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक शांताराम को रायपुर में श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके योगदान और समाज सेवा को याद किया गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ प्रांत प्रचारक श्री शांताराम जी के निधन के बाद आज राजधानी रायपुर में श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुंचकर दिवंगत प्रांत प्रचारक को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व और कार्य हमेशा छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
शांताराम जी का योगदान
शांताराम जी ने वर्षों तक छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाई। उनके नेतृत्व में अनेक कार्यक्रम और सामाजिक पहल संचालित की गई, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं का संगठन और सांस्कृतिक जागरूकता प्रमुख रहे। उनके आदर्श और कार्य आज भी अनेक स्वयंसेवकों और नागरिकों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि श्री शांताराम का व्यक्तित्व न केवल कार्यशैली और अनुशासन के लिए, बल्कि समाज में मानवता और सेवा भाव फैलाने के लिए भी आदर्श रहा। उन्होंने कहा कि उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को भी समाज सेवा के मार्ग पर प्रेरित करेगा।
श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोग
श्रद्धांजलि अर्पित करने के मौके पर विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, स्वयंसेवक और आम नागरिक शामिल हुए। सभी ने मिलकर शांताराम जी के व्यक्तित्व और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में ऐसे व्यक्तित्व दुर्लभ होते हैं, जिन्होंने अपने जीवन को पूरी तरह से सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि शांताराम जी ने स्वयं को हमेशा समाज के उत्थान और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रखा और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उनके आदर्शों और जीवन के संघर्षों को याद किया गया। अनेक स्वयंसेवकों ने शांताराम जी के अनुभवों और मार्गदर्शन को साझा किया। उनके अनुयायियों ने कहा कि उनका मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
समाज में योगदान और विरासत
शांताराम जी ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य, और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में अनेक पहल की। उनके प्रयासों से युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और समाज सेवा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ी। उनके नेतृत्व में कई स्वयंसेवक संगठन और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हुए, जो आज भी उनके आदर्शों को आगे बढ़ा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा और उनके कार्यों को समाज के लिए प्रेरणा के रूप में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तित्व से प्रेरित होकर आज के युवा समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में अधिक सक्रिय हो सकते हैं।
समापन
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह समय हमें याद दिलाता है कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पण ही सबसे बड़ा मूल्य है। शांताराम जी का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने परिवारजनों और अनुयायियों को सांत्वना दी।
