छत्तीसगढ़ में शारदीय नवरात्र 2025 का शुभारंभ, मां काली सेवा समिति ने निःशुल्क डोंगरगढ़ दर्शन-10 की घोषणा, पूर्व पंजीयन अनिवार्य, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित।
रायपुर। जगत जननी मां दुर्गा के पावन पर्व शारदीय नवरात्र का शुभारंभ इस साल सोमवार, 22 सितंबर से होने जा रहा है। नवरात्र के आगमन के साथ ही श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई है। इस पर्व के दौरान देशभर से लाखों भक्त माता दुर्गा की भक्ति में लीन होते हैं।
छत्तीसगढ़ में मां काली सेवा समिति इस अवसर पर हर साल की तरह निःशुल्क डोंगरगढ़ दर्शन-10 का आयोजन कर रही है। समिति के अध्यक्ष श्री दीपक भारद्वाज (पोल्ले) ने बताया कि इस साल भी भक्तों को सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क दर्शन यात्रा में सभी श्रद्धालुओं को सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
निःशुल्क डोंगरगढ़ दर्शन-10
डोंगरगढ़ माता का प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है, जहां पूरे देश से भक्त दर्शन करने आते हैं। मां काली सेवा समिति द्वारा आयोजित इस निःशुल्क दर्शन यात्रा का उद्देश्य अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को माता का आशीर्वाद दिलाना है। इस यात्रा में शामिल होने वाले भक्तों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जैसे खाने-पीने की सुविधा, मार्गदर्शन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा उपाय, और परिवहन सुविधा।
पूर्व पंजीयन की प्रक्रिया
समिति अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष कोरोना महामारी और भीड़ को नियंत्रित करने के दृष्टिकोण से पहले से पंजीयन अनिवार्य किया गया है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीयन किया जा सकता है। पंजीयन करने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए समय और मार्ग का विशेष आवंटन दिया जाएगा।
भक्तों की सुविधा
समिति द्वारा बताया गया कि दर्शन यात्रा के दौरान हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य संबंधी आकस्मिक परिस्थितियों के लिए मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा सुरक्षा के लिए पुलिस और स्वयंसेवी दल तैनात रहेंगे।
समिति का संदेश
दीपक भारद्वाज ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकजुटता का प्रतीक भी है। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालु माता दुर्गा के दर्शन के साथ-साथ सामाजिक सहयोग और भाईचारे का संदेश भी घर ले जाएं।
आस्था का महापर्व
शारदीय नवरात्र का पर्व नौ दिन चलता है, जिसमें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालु उपवास रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और माता की भक्ति में लीन रहते हैं। छत्तीसगढ़ में नवरात्र का आयोजन विशेष रूप से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के रूप में मनाया जाता है।
यात्रा का मार्ग और समय
समिति ने कहा कि दर्शन यात्रा का मार्ग और समय सभी पंजीकृत भक्तों को पूर्व में सूचित किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण के लिए दर्शन के समय को समूहों में बांटा गया है। इस व्यवस्था से दर्शन में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुविधा होगी और भीड़ पर नियंत्रण रहेगा।
भक्तों की प्रतिक्रिया
स्थानीय श्रद्धालु सुनील शर्मा ने बताया, “हम हर साल इस निःशुल्क डोंगरगढ़ दर्शन में भाग लेते हैं। समिति द्वारा प्रदान की जाने वाली व्यवस्थाएं यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं। हम माता दुर्गा के दर्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
समाप्ति
समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निःशुल्क दर्शन यात्रा में शामिल होने से पहले पंजीयन जरूर कर लें। इसके अलावा सभी भक्त मार्गदर्शन और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें ताकि यह धार्मिक आयोजन सफल और सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
