राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने समिति का गठन, ADG अध्यक्षता में 7 IPS अधिकारी तैयार करेंगे ड्राफ्ट, प्रशासनिक और नागरिक सुरक्षा में सुधार।
रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने इस संबंध में एक समिति का गठन किया है। यह समिति राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू करने के लिए रणनीति तैयार करेगी और कार्यान्वयन हेतु आवश्यक ड्राफ्ट तैयार करेगी।
समिति की अध्यक्षता ADG (Additional Director General of Police) कर रहे हैं और इसमें कुल 7 IPS अधिकारी शामिल हैं। समिति का मुख्य उद्देश्य राजधानी रायपुर में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली में पुलिस प्रमुख की नियुक्ति सीधे राज्य सरकार द्वारा की जाती है और पुलिस विभाग को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त होती है। इससे न केवल कानून-व्यवस्था की बेहतर निगरानी होगी बल्कि जनता की सुरक्षा एवं अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी।
समिति द्वारा तैयार किए जाने वाले ड्राफ्ट में निम्नलिखित पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
- पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की रूपरेखा और संगठनात्मक ढांचा।
- प्रशासनिक और वित्तीय स्वतंत्रता के लिए आवश्यक नियमावली।
- पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों का निर्धारण।
- नागरिक शिकायत निवारण प्रणाली और फीडबैक तंत्र।
- अपराध नियंत्रण और सुरक्षा उपायों के लिए नई रणनीति।
समिति के गठन पर राज्य के गृह विभाग ने कहा है कि राजधानी रायपुर में इस प्रणाली को लागू करने से कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार आएगा और जनता को तेज़ और प्रभावी पुलिस सेवा मिल सकेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस का कार्यक्षेत्र स्पष्ट होगा और राजनीतिक हस्तक्षेप की संभावना कम होगी। इससे अपराध नियंत्रण और शहरी सुरक्षा में नाटकीय सुधार संभव है।
समिति ने अब तक अपनी प्राथमिक बैठक में समिति के कामकाज के दिशानिर्देश तय कर लिए हैं और आने वाले हफ्तों में पूरी रणनीति और ड्राफ्ट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे गृह विभाग और राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद कानून बनाकर इसे लागू किया जा सकेगा।
राजधानी रायपुर में इस प्रणाली के लागू होने से पुलिस अधिकारियों की निर्णय क्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा सेवाएं मिलेंगी। इसके अलावा, अपराध के आंकड़ों और रिपोर्टिंग तंत्र में भी पारदर्शिता आएगी।
राज्य सरकार ने कहा कि यह प्रणाली अन्य बड़े शहरों में भी लागू करने के लिए एक मॉडल तैयार करेगी। राजधानी रायपुर में लागू होने के बाद इसे अन्य शहरों के लिए भी अनुकूलित किया जा सकता है।
