दिल्ली और कोलकाता से रायपुर आने वाली फ्लाइट्स खराब मौसम के कारण लैंड नहीं हो पाईं। यात्रियों में हड़कंप, एयरपोर्ट प्रशासन ने दी सुरक्षा की जानकारी।
रायपुर एयरपोर्ट पर शनिवार को एक बड़ा हवाई घटनाक्रम देखने को मिला। दिल्ली और कोलकाता से उड़ान भरकर रायपुर आने वाली दो फ्लाइट्स निर्धारित समय पर लैंड नहीं हो पाईं। इससे यात्रियों में हड़कंप मच गया और परिजनों की चिंता बढ़ गई। एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की और यात्रियों को सुरक्षित रखने का आश्वासन दिया।
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फ्लाइट्स ने क्यों नहीं किया लैंडिंग
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, खराब मौसम और तकनीकी कारणों की वजह से फ्लाइट्स को रायपुर एयरपोर्ट पर लैंड करने की अनुमति नहीं दी गई। तेज हवाओं और दृश्यता कम होने के चलते पायलटों को लैंडिंग को लेकर मुश्किल का सामना करना पड़ा। यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा और फ्लाइट्स को डायवर्ट किया गया।
यात्रियों में फैली चिंता
फ्लाइट्स के समय पर लैंड न होने की जानकारी मिलते ही यात्रियों के परिजन परेशान हो गए। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर एयरलाइंस और एयरपोर्ट प्रशासन से तत्काल जानकारी देने की मांग की। यात्रियों ने एयरपोर्ट पर इंतजार के दौरान अव्यवस्था को लेकर नाराज़गी भी जताई।
एयरपोर्ट प्रशासन का बयान
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। खराब मौसम में फ्लाइट्स की लैंडिंग कराना खतरनाक हो सकता था, इसलिए डायवर्जन का फैसला लिया गया। स्थिति सामान्य होते ही फ्लाइट्स को रायपुर लाया जाएगा।
लगातार बढ़ रही फ्लाइट्स की समस्या
हाल के दिनों में रायपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स के लेट होने और डायवर्ट होने की घटनाएं बढ़ गई हैं। यात्रियों को इसके कारण समय और सुविधा की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तकनीकी खराबी और कभी मौसम की वजह से उड़ानों का शेड्यूल बिगड़ रहा है।
यात्रियों ने उठाए सवाल
कुछ यात्रियों ने सवाल उठाए कि एयरपोर्ट पर बेहतर मैनेजमेंट और समय रहते सूचना क्यों नहीं दी जाती। यात्रियों ने मांग की कि एयरलाइंस को ऐसे मामलों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और यात्रियों को हर स्थिति की जानकारी समय पर देनी चाहिए।
सरकार और एयरलाइंस पर दबाव
लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण सरकार और एयरलाइंस पर दबाव बढ़ रहा है कि वे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों सुनिश्चित करें। रायपुर जैसे प्रमुख शहर में फ्लाइट्स के संचालन को लेकर इस तरह की स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है।
