रायपुर की एक फैक्ट्री में बन रहा था नकली पनीर, स्वास्थ्य विभाग ने मारा छापा, ढाबों और होटलों में हो रही थी आपूर्ति।
रायपुर।राजधानी रायपुर में स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने नकली पनीर तैयार करने वाली एक फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली पनीर, मिलावटी दूध, केमिकल्स और अस्वच्छ उपकरण जब्त किए गए। यह नकली पनीर रायपुर और आसपास के होटलों, ढाबों तथा खान-पान प्रतिष्ठानों में बड़े पैमाने पर सप्लाई किया जा रहा था।
Read it loud
छापा पड़ा भनपुरी इलाके में
खाद्य सुरक्षा विभाग को पिछले कुछ दिनों से मिल रही शिकायतों के आधार पर मंगलवार सुबह भनपुरी क्षेत्र में एक फैक्ट्री पर छापा मारा गया। यह फैक्ट्री एक पुराने गोदाम में अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। टीम के पहुंचते ही वहां काम कर रहे मजदूर भागने लगे, लेकिन दो लोगों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि फैक्ट्री में मिलावटी दूध, रिफाइंड तेल और सिंथेटिक केमिकल से पनीर तैयार किया जाता था।
कैसे बनता था नकली पनीर?
टीम ने बताया कि यहां सड़ा-गला दूध, वेजिटेबल फैट और साबुन जैसे केमिकल्स को मिलाकर एक सफेद ठोस पदार्थ तैयार किया जाता था, जिसे बाद में ठंडा करके पनीर का आकार दिया जाता था। रंग, गंध और बनावट को वास्तविक पनीर जैसा दिखाने के लिए कुछ विशेष रसायनों का इस्तेमाल किया जाता था।
होटलों-ढाबों में आपूर्ति
फैक्ट्री के रिकॉर्ड से यह सामने आया है कि यह नकली पनीर रायपुर के कई ढाबों, छोटे होटलों और फास्ट फूड स्टॉल्स पर सप्लाई किया जाता था। कम कीमत और तेजी से डिलीवरी के चलते इन ग्राहकों की मांग लगातार बढ़ रही थी।
स्वास्थ्य पर खतरा
खाद्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मिलावटी और सिंथेटिक केमिकल से बने पनीर का सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इससे पेट की बीमारियां, लिवर डैमेज, एलर्जी और कैंसर जैसी बीमारी तक होने का खतरा होता है।
जब्त सामग्री
छापे के दौरान विभाग ने करीब 150 किलो नकली पनीर, 500 लीटर मिलावटी दूध, केमिकल्स के ड्रम, प्लास्टिक के कंटेनर, भारी मात्रा में रिफाइंड तेल और सड़े-गले दूध के पैकेट जब्त किए हैं। सभी सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।
विभाग ने क्या कहा?
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि “शहर में मिलावटखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यह फैक्ट्री लंबे समय से चल रही थी। अब इसके पीछे के नेटवर्क का पता लगाया जाएगा।”
मालिक फरार, केस दर्ज
फैक्ट्री संचालक की पहचान एक स्थानीय व्यवसायी के रूप में हुई है, जो मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
जनता से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी खाने-पीने की चीज के रंग, गंध या स्वाद में कुछ असामान्य लगे तो तुरंत शिकायत करें। साथ ही, किसी भी अनाधिकृत स्रोत से खाद्य सामग्री न खरीदें।
फूड टेस्टिंग बढ़ेगी
छत्तीसगढ़ में मिलावट रोकने के लिए अब नियमित फूड टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है। सरकारी स्तर पर लैब जांच की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
नकली खाद्य सामग्री पर सरकार सख्त
राज्य सरकार ने पहले ही स्पष्ट किया है कि खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फूड सेफ्टी एक्ट के तहत ऐसे मामलों में जुर्माने से लेकर जेल तक की सजा का प्रावधान है।
लोगों में गुस्सा
स्थानीय लोगों और उपभोक्ताओं में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई न होती, तो यह नकली पनीर जनता के स्वास्थ्य को गहरा नुकसान पहुंचा सकता था।
अगला कदम
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह फैक्ट्री कितने समय से संचालित हो रही थी, कौन-कौन से होटल और ढाबे इससे पनीर ले रहे थे, और इस रैकेट में और कौन-कौन शामिल है।
