छत्तीसगढ़ में ‘एक राखी सैनिक भाइयों के नाम’ अभियान के तहत बच्चे जवानों के लिए राखियां बना रहे हैं, जिससे देशभक्ति की भावना को बल मिल रहा है।
रायपुर।रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ में एक अनूठा और सराहनीय अभियान चलाया जा रहा है – ‘एक राखी सैनिक भाइयों के नाम’। इस पहल के तहत स्कूली बच्चे और स्वयंसेवी संगठन देश की सीमा पर तैनात हमारे जांबाज़ सैनिकों के लिए अपने हाथों से राखियां बना रहे हैं। यह अभियान न केवल भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है, बल्कि यह बच्चों के मन में देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रबल कर रहा है
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इस अभियान को राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सराहा है। उन्होंने कहा कि “इस प्रकार के प्रयास बच्चों में सैनिकों के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्य की भावना को बढ़ाते हैं। यह नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक पहल है।”
कैसे शुरू हुआ अभियान
यह पहल सामाजिक संगठन और स्कूलों के संयुक्त सहयोग से शुरू की गई है। बच्चों को रचनात्मकता और देशभक्ति के साथ जोड़ते हुए उन्हें राखी बनाना सिखाया गया। इन राखियों को विशेष पैकिंग के साथ सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों को भेजा जा रहा है।
अभियान की संयोजिका रेखा वर्मा बताती हैं, “हमने तय किया कि इस बार रक्षाबंधन पर सिर्फ अपने भाइयों को नहीं, बल्कि देश की रक्षा करने वाले असली भाइयों को भी राखी भेजनी है।”
बच्चों में उत्साह
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर सहित अन्य जिलों के सैकड़ों स्कूलों में इस अभियान को हाथोंहाथ लिया गया है। बच्चे कागज, धागे, मोती और रंग-बिरंगे सामानों से सुंदर राखियां बना रहे हैं। कुछ बच्चे राखियों के साथ छोटे संदेश भी लिख रहे हैं – “आप हमारे हीरो हैं”, “जय हिंद”, “रक्षा का वचन आपने निभाया, अब राखी हमारा प्यार”।
छात्रा साक्षी शर्मा कहती हैं, “मैंने तीन राखियां बनाई हैं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि मेरी राखी सीमा पर किसी जवान के हाथ में बंधेगी।”
सैनिकों के लिए संदेशों के साथ राखी
इस पहल का एक विशेष हिस्सा यह है कि हर राखी के साथ बच्चों द्वारा लिखा गया एक छोटा पत्र या शुभकामना संदेश भी रखा जा रहा है। इसमें वे सैनिकों के साहस, समर्पण और त्याग के लिए धन्यवाद दे रहे हैं। यह भावनात्मक जुड़ाव सैनिकों के मनोबल को और ऊंचा करेगा।
सीएम साय का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “देश के लिए जान की बाज़ी लगाने वाले सैनिकों के प्रति समाज की यह भावनात्मक अभिव्यक्ति अत्यंत सराहनीय है। बच्चों की ये राखियां निश्चित रूप से जवानों के चेहरों पर मुस्कान लाएंगी। मैं इस अभियान से जुड़े सभी बच्चों और आयोजकों को बधाई देता हूं।”
पोस्ट ऑफिस और प्रशासन का सहयोग
राज्य के कई डाकघरों ने इन राखियों को सैनिकों तक पहुँचाने के लिए विशेष व्यवस्था की है। प्रशासन भी इस अभियान में सहयोग कर रहा है ताकि समय पर हर राखी देश की सीमाओं तक पहुंच सके।
समाज में देशभक्ति का संदेश
इस अभियान से न केवल बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत हुई है, बल्कि अभिभावक, शिक्षक और समाज के अन्य वर्ग भी इससे प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस पहल की जमकर सराहना हो रही है। #EkRakhiSainikBhaiyonKeNaam ट्रेंड कर रहा है और लोग इसे पूरे देश में लागू करने की मांग कर रहे हैं।
