विधायक देवेंद्र यादव ने जेल में बंद चैतन्य बघेल और लखमा से मुलाकात की, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है जब कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने जेल में बंद कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल और पूर्व मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात कर उन पर जेल में शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न होने का आरोप लगाया। देवेंद्र यादव ने इस मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि जेल के भीतर मानवीय अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है।
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मुलाकात के पीछे की पृष्ठभूमि
बता दें कि कांग्रेस नेता चैतन्य बघेल और पूर्व मंत्री लखमा को हाल ही में एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया था। चैतन्य बघेल पर कथित तौर पर भूमि घोटाले और सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप के आरोप हैं, जबकि लखमा पर आदिवासी क्षेत्रों में नक्सल संबंधों को लेकर जांच चल रही है। दोनों ही नेताओं को रायपुर सेंट्रल जेल में रखा गया है।
विधायक देवेंद्र यादव के आरोप
विधायक देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि, “चैतन्य बघेल और कवासी लखमा को जेल में न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार भी हो रहा है। जेल प्रशासन उनकी बुनियादी जरूरतों की भी अनदेखी कर रहा है। यह किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं को जानबूझकर अलग-अलग रखा गया है और उनसे मिलने के लिए परिजनों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सत्ताधारी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यह गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने का काम कर रही है।
वहीं भाजपा की ओर से बयान आया है कि कानून अपना काम कर रहा है और यदि कोई आरोप साबित नहीं होते तो अदालतें स्वतः उन्हें रिहा कर देंगी। भाजपा ने देवेंद्र यादव के आरोपों को “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया।
मानवाधिकार आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले में संज्ञान लेने की बात कही है। कुछ संगठनों ने राज्य मानवाधिकार आयोग से आग्रह किया है कि जेलों में बंद राजनीतिक बंदियों के साथ व्यवहार की निगरानी की जाए और जरूरी हो तो जांच भी कराई जाए।
विपक्ष की एकजुटता की कोशिश
देवेंद्र यादव की जेल मुलाकात को विपक्षी दलों की एकजुटता की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इससे कांग्रेस न सिर्फ जेल में बंद अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रही है, बल्कि भाजपा पर राजनीतिक दबाव भी बना रही है।
