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बूढ़ा तालाब सौंदर्यीकरण में चौपाटी बिना खर्च खोली

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 3 September 2025

बूढ़ा तालाब, सौंदर्यीकरण, 12 करोड़, चौपाटी, अवैध गतिविधि, पर्यावरण, रायपुर नगर निगम, पर्यटन स्थल, बजट हेरा-फेरी, स्थानीय विरोध


रायपुर। शहर के ऐतिहासिक स्थल बूढ़ा तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए पहले से तय 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। लेकिन स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह रकम खर्च किए बिना ही तालाब के किनारे कंपनी चौपाटी खोल रही है। इस मामले ने प्रशासन और परियोजना प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परियोजना की मूल योजना
बूढ़ा तालाब के सौंदर्यीकरण का उद्देश्य शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थल बनाना था। परियोजना के तहत तालाब की सफाई, आसपास के बाग, पैदल मार्ग और सुरक्षा उपायों पर निवेश करने की योजना बनाई गई थी।

स्थानीय अधिकारियों ने पहले ही घोषणा की थी कि परियोजना के लिए कुल 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन पैसों का उपयोग तालाब की सुरक्षा, बगिचों, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई में किया जाना था।

अवैध गतिविधियां और चौपाटी की स्थापना
हालांकि, अब खबरें सामने आई हैं कि तालाब के किनारे एक कंपनी बिना किसी अनुमोदन और खर्च किए चौपाटी खोल रही है। यह कदम न केवल सौंदर्यीकरण योजना के खिलाफ है, बल्कि पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति के लिए भी हानिकारक है।

स्थानीय निवासी और पर्यावरण कार्यकर्ता इस कदम को तालाब की मौलिकता और शांति को प्रभावित करने वाला मान रहे हैं। उनका कहना है कि तालाब के किनारे व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति देने से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ेगा और पर्यटन आकर्षण पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने कहा, “हमने वर्षों से इस तालाब को संरक्षित करने और उसका सौंदर्य बढ़ाने के लिए इंतजार किया। लेकिन अब इसे व्यावसायिक गतिविधियों के लिए खोल दिया गया है। यह योजना के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।”

एक पर्यावरण कार्यकर्ता ने कहा कि तालाब के आसपास की हरियाली और पारिस्थितिकी को बनाए रखना जरूरी है। बिना पैसे खर्च किए परियोजना में बदलाव करना और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोलना उचित नहीं है।

प्रशासन की स्थिति
नगर निगम और परियोजना प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि नियमों और कानूनों के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरणीय प्रभाव और भविष्य की योजना
विशेषज्ञों का कहना है कि तालाब के किनारे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अनुमति देने से जल गुणवत्ता, हरियाली और स्थानीय जीव-जंतु प्रभावित होंगे। परियोजना के मूल उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सौंदर्यीकरण योजना के तहत तय बजट का सही उपयोग हो।

निष्कर्ष
बूढ़ा तालाब की सौंदर्यीकरण परियोजना के तहत 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे, लेकिन बिना अनुमति और बजट का सही उपयोग किए ही चौपाटी खोलना न केवल योजना के उद्देश्यों के खिलाफ है, बल्कि पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टि से भी चिंताजनक है। प्रशासन और परियोजना प्रबंधन को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा और मूल योजना के अनुसार तालाब को संरक्षित करने के उपाय सुनिश्चित करने होंगे

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