अमीर बनने की लालच में भाई-भाभी ने मासूम बच्ची की तांत्रिक सलाह पर बलि दी, शव को श्मशान के खेत में दफनाया।
मुंगेली। अंधविश्वास, लालच और हैवानियत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक दंपत्ति ने अमीर बनने की चाह में अपनी ही रिश्तेदार मासूम बच्ची की बलि चढ़ा दी। हत्या को अंजाम देने से पहले बच्ची को काले कपड़े पहनाए गए और फिर शव को एक श्मशान के पास खेत में दफना दिया गया।
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पुलिस की सख्त पूछताछ और नार्को टेस्ट के बाद आरोपियों ने कबूल किया कि यह सब उन्होंने एक तांत्रिक के कहने पर किया, जो उन्हें धन प्राप्ति का तरीका बता रहा था।
पूरा घटनाक्रम – कैसे सामने आया नरबलि का सच?
यह घटना गोरखपुर जिले के एक गांव की है, जहां 6 साल की बच्ची बीते सप्ताह लापता हो गई थी। परिवार ने पहले इसे अपहरण का मामला समझा, लेकिन जब बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, तब शक की सुई घर के ही दो सदस्यों—चाचा और चाची—की ओर घूमी।
जांच में जुटी पुलिस ने जब दोनों से सख्ती से पूछताछ की, तो वे गुमराह करने की कोशिश करते रहे। लेकिन जब नार्को टेस्ट कराया गया, तब इस रूह कंपा देने वाले अपराध का खुलासा हुआ।
तांत्रिक की सलाह पर चढ़ाई बलि
नार्को टेस्ट के दौरान आरोपी भाई-भाभी ने बताया कि उन्होंने एक तांत्रिक से संपर्क किया था, जो उन्हें जल्द अमीर बनने का उपाय बता रहा था। उसने कहा कि यदि वे किसी कुंवारी बच्ची की बलि देंगे, तो उन्हें जल्द ही धन, जमीन और गाड़ी मिल जाएगी।
तांत्रिक ने बाकायदा काले कपड़े पहनाकर हत्या करने और शव को श्मशान के नजदीक खेत में दफनाने की विधि बताई थी, ताकि आत्मा मुक्त न हो और अनुष्ठान सफल हो जाए।
मासूम को मारकर खेत में गाड़ा
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने बच्ची को पहले भ्रमित कर घर से बाहर बुलाया, फिर एक सुनसान जगह ले जाकर गला दबाकर उसकी हत्या की। इसके बाद उसे काले कपड़े पहनाए और शव को एक पुराने श्मशान घाट के पास खेत में दफना दिया।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव को खेत से बरामद कर लिया है। शव की हालत देखकर पुलिस भी सन्न रह गई।
गांव में आक्रोश और मातम
जैसे ही घटना का खुलासा हुआ, पूरे गांव में आक्रोश और गुस्से का माहौल फैल गया। लोग इस घटना को कलंक और पाप की पराकाष्ठा बता रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाने और फांसी की सजा की मांग की है।
पुलिस का बयान
स्थानीय एसपी ने प्रेस को बताया:
पुलिस अब इस बात की जांच में भी जुटी है कि क्या इसी तांत्रिक ने अन्य जगहों पर भी ऐसी घटनाएं करवाई हैं।
समाज के लिए खतरा – अंधविश्वास और लालच
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि एक बार फिर भारत में गहराते अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र के झूठे भ्रम और धन की लालसा को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
सरकार और समाज की ज़िम्मेदारी
इस घटना ने शासन-प्रशासन की ज़िम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आवश्यकता है कि:
- ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
- तांत्रिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए।
- बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग नीति बनाई जाए।
निष्कर्ष
6 साल की मासूम बच्ची को अपनी भाई-भाभी के हाथों बलि चढ़ाया जाना सभ्य समाज पर एक कलंक है। यह न सिर्फ कानून और व्यवस्था, बल्कि हमारे सामाजिक ढांचे और सामूहिक चेतना पर सवाल उठाता है।
क्या कुछ पैसे और सुख-सुविधाओं की लालसा में रिश्तों की सारी मर्यादा, सारी मानवता खत्म हो चुकी है?
अब देखना यह है कि क्या सरकार, प्रशासन और न्याय प्रणाली इस मामले में कोई सख्त और उदाहरण-स्थापक कार्रवाई करती है या यह घटना भी फाइलों में दबी रह जाएगी।
