छत्तीसगढ़ में 5 डिसमिल से कम कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक, रायपुर में रजिस्ट्री संख्या घटकर 150, खरीदी-बिक्री धीमी, किसानों और निवेशकों में चिंता।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 5 डिसमिल से कम की कृषि जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाए जाने के बाद से प्रदेश में जमीन की खरीदी-बिक्री काफी धीमी पड़ गई है। रायपुर जिले में पहले रोजाना औसतन 200 से अधिक रजिस्ट्री होती थी, लेकिन अब यह संख्या बमुश्किल 150 पार कर पा रही है।
जिलाधिकारी कार्यालय और रजिस्ट्री कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, रजिस्ट्री की प्रक्रिया में इस कमी के कारण खरीदार और विक्रेता दोनों प्रभावित हो रहे हैं। कई किसान और छोटे निवेशक इस नियम के कारण जमीन खरीदने और बेचने में देरी महसूस कर रहे हैं।
वित्तीय और रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भूमि अवैध हस्तांतरण और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक है, लेकिन इसे लागू करने के दौरान लोगों को अधिक जानकारी और मार्गदर्शन देना जरूरी है।
स्थानीय रजिस्ट्री अधिकारियों ने बताया कि नए नियम के तहत केवल 5 डिसमिल या उससे अधिक भूमि की रजिस्ट्री ही अब संभव है। इसके अलावा, रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचने के लिए डिजिटल रजिस्ट्री को बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसानों और निवेशकों की मांग है कि राज्य सरकार उन्हें इस बदलाव के बारे में अधिक जागरूक करे और आवश्यक सुविधाओं के साथ सरल प्रक्रिया सुनिश्चित करे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह कदम सही ढंग से लागू किया गया, तो यह लंबे समय में भूमि के वैध उपयोग और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि नियम की सख्ती के कारण अब छोटी जमीन के सौदे प्रभावित होंगे और यह बाजार की गति को धीमा कर सकता है।
राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नियम केवल अतिक्रमण और अवैध रजिस्ट्री को रोकने के लिए है और इसके पीछे का उद्देश्य भूमि उपयोग में पारदर्शिता और किसानों के हित की सुरक्षा करना है।
