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आदि कर्मयोगी अभियान 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 28 August 2025

छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से शुरू होगा आदि सेवा पखवाड़ा, आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सामाजिक सेवा, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार ने आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 17 सितंबर से आदि सेवा पखवाड़ा शुरू करने की घोषणा की है। यह पखवाड़ा सामाजिक सेवा, स्वच्छता, जन जागरूकता और आदिवासी कल्याण के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। अभियान का मुख्य लक्ष्य प्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों में नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाना और सामाजिक सुधार के प्रयासों को गति देना है।

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आदि कर्मयोगी अभियान का उद्देश्य

आदि कर्मयोगी अभियान के तहत सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से युवा, सामूहिक और व्यक्तिगत रूप से सामाजिक कार्यों में भाग लें। आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा को बढ़ावा देना इस अभियान की प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “आदि सेवा पखवाड़ा हमारी सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से हम आदिवासी समाज में सशक्तिकरण और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेंगे।”

पखवाड़े की रूपरेखा

आदि सेवा पखवाड़ा 17 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न सरकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन और नागरिक संगठन मिलकर सामाजिक सुधार और सेवा कार्यों का आयोजन करेंगे। प्रमुख गतिविधियाँ निम्नलिखित हैं:

  1. स्वच्छता अभियान: गांवों और शहरों में सफाई और कचरा प्रबंधन का विशेष अभियान।
  2. स्वास्थ्य जागरूकता: आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच शिविर, टीकाकरण और पोषण कार्यक्रम।
  3. शिक्षा सुधार: स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यशालाएँ और अभियान।
  4. पर्यावरण संरक्षण: पेड़ लगाना, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा पर जागरूकता।
  5. सामाजिक सहभागिता: स्थानीय समाज में युवाओं और स्वयंसेवकों की भागीदारी बढ़ाना।
  6. कौशल विकास: आदिवासी युवाओं के लिए तकनीकी और पेशेवर प्रशिक्षण सत्र।

प्रशासन और सरकारी विभागों की भागीदारी

पखवाड़े के सफल संचालन के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला प्रशासन, पंचायत कार्यालय, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग, स्वच्छता और पर्यावरण विभाग सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जिले में अभियान की निगरानी और प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिक संगठनों को भी अभियान में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

नागरिकों और युवाओं के लिए अवसर

आदि सेवा पखवाड़ा नागरिकों और युवाओं के लिए सामाजिक कार्यों में भागीदारी का सुनहरा अवसर है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे इस पखवाड़े में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और आदिवासी समाज के विकास और कल्याण में योगदान करें।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज सेवा, आदिवासी सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

भविष्य की दिशा

आदि सेवा पखवाड़े के सफल होने के बाद इसे नियमित रूप से प्रत्येक वर्ष आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आदिवासी समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देना, सामाजिक सुधार के कार्यक्रमों को स्थायी बनाना और नागरिकों में जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।

सरकार ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान के परिणामस्वरूप आदिवासी समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर में सुधार आएगा और नागरिक समाज में सामूहिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।


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