कवर्धा के कामठी में विधायक भावना बोहरा के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने 151 शिवलिंग का सामूहिक रुद्राभिषेक कर प्रदेश की खुशहाली और शांति की कामना की।
कवर्धा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर कबीरधाम जिले के कामठी क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां आयोजित 151 शिवलिंग रुद्राभिषेक कार्यक्रम में क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
यह भव्य धार्मिक आयोजन जिला मुख्यालय कवर्धा के समीप स्थित कामठी में संपन्न हुआ, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वेद मंत्रोच्चार, शंखनाद और “हर-हर महादेव” के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ सामूहिक अभिषेक
कार्यक्रम में 151 शिवलिंगों को विधिवत सजाकर एक विशेष मंडप में स्थापित किया गया था। वैदिक आचार्यों के मार्गदर्शन में दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल और पंचामृत से एक-एक कर सभी शिवलिंगों का अभिषेक किया गया। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना में शामिल हुए।
विधायक भावना बोहरा ने की प्रदेश की खुशहाली की कामना
इस अवसर पर विधायक भावना बोहरा ने श्रद्धालुओं के साथ रुद्राभिषेक करते हुए प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे सामूहिक धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि कामठी क्षेत्र में इस प्रकार का सामूहिक रुद्राभिषेक आयोजन आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक बनता जा रहा है।
कामठी क्षेत्र में दिखा विशेष उत्साह
कामठी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में पहुंचे। मंदिर परिसर और आयोजन स्थल पर विशेष सजावट की गई थी। फूलों से सजी वेदी, धूप-दीप, भजन-कीर्तन और शिव स्तुति ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।
स्थानीय महिलाओं के समूहों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय आयोजन समिति, युवाओं और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, प्रसाद वितरण और बैठक व्यवस्था की गई थी। वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए अलग से प्रवेश और बैठने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई।
सामाजिक समरसता का संदेश
151 शिवलिंगों का सामूहिक रुद्राभिषेक केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का भी प्रतीक बना। अलग-अलग वर्ग और समुदाय के लोग एक साथ पूजा में सम्मिलित हुए और शिव भक्ति में लीन नजर आए।
सुरक्षा और व्यवस्था रही सुचारु
भारी भीड़ को देखते हुए आयोजन स्थल पर स्वयंसेवकों की तैनाती की गई थी। यातायात और पार्किंग की भी समुचित व्यवस्था रही, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को मिला प्रोत्साहन
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है। कामठी क्षेत्र भविष्य में भी इस प्रकार के सामूहिक धार्मिक आयोजनों का केंद्र बन सकता है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित 151 शिवलिंग रुद्राभिषेक कार्यक्रम ने कामठी और कवर्धा क्षेत्र को आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
