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देश में अब सिर्फ 6 जिले नक्सल प्रभावित

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 16 February 2026

देश में अब सिर्फ 6 जिले नक्सल प्रभावित बचे हैं, बस्तर में अंतिम चरण के अभियान की तैयारी, विकास और सुरक्षा के जरिए स्थायी शांति पर फोकस।

जगदलपुर | देश में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे लंबे अभियान को लेकर एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अब पूरे देश में केवल 6 जिले ही नक्सल प्रभावित श्रेणी में बचे हैं। वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में नक्सल उन्मूलन के अंतिम चरण की तैयारी शुरू कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से बीते कुछ वर्षों में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया है। विशेष रूप से बस्तर संभाग में हाल के महीनों में लगातार सर्च ऑपरेशन, सड़क निर्माण, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच के कारण नक्सलियों का प्रभाव तेजी से घटा है।

अंतिम चरण के अभियान की रणनीति तैयार

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार बस्तर के अंदरूनी इलाकों में अब अंतिम चरण का व्यापक और समन्वित अभियान चलाया जाएगा। इसमें सुरक्षा बलों के साथ-साथ प्रशासनिक अमला, वन विभाग और ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारी भी सक्रिय रूप से शामिल रहेंगे, ताकि केवल सुरक्षा कार्रवाई ही नहीं, बल्कि स्थायी शांति और विकास की दिशा में ठोस काम किया जा सके।

विकास कार्यों से कमजोर पड़ा नक्सल नेटवर्क

बस्तर क्षेत्र में हाल के वर्षों में सड़क, पुल, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने स्थानीय ग्रामीणों की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रक्रिया को तेज किया है। इससे नक्सली संगठनों के लिए युवाओं को बहकाना और समर्थन जुटाना कठिन होता जा रहा है।

प्रशासन का मानना है कि अब नक्सल प्रभावित इलाकों की संख्या सीमित रह जाने से अभियान अधिक केंद्रित और प्रभावी हो सकेगा।

स्थानीय प्रशासन की तैयारी तेज

जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील गांवों की पहचान कर वहां विशेष विकास योजनाएं लागू की जा रही हैं। रोजगार, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस रखा गया है, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भरोसे का माहौल मजबूत हो सके।

अधिकारियों का कहना है कि केवल सुरक्षा कार्रवाई से नहीं, बल्कि भरोसे और विकास के जरिए ही स्थायी समाधान संभव है।

ग्रामीणों का सहयोग बना सबसे बड़ी ताकत

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं। कई इलाकों में जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इससे लोगों में यह विश्वास बढ़ा है कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है।

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद लगभग अंतिम दौर में

विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में नक्सल गतिविधियां अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी हैं। बस्तर जैसे दुर्गम क्षेत्र, जो कभी नक्सल हिंसा के केंद्र माने जाते थे, अब विकास और प्रशासनिक सक्रियता के नए उदाहरण बनते जा रहे हैं।

आने वाले समय में बस्तर अंचल में चलने वाला अंतिम चरण का अभियान देश को नक्सलवाद से लगभग मुक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता है।

प्रशासन का लक्ष्य – शांति के साथ विकास

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही जिन क्षेत्रों में नक्सली प्रभाव कमजोर हुआ है, वहां तेजी से विकास परियोजनाएं शुरू कर स्थायी शांति स्थापित की जाएगी।

देशभर में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या घटकर छह रह जाना सुरक्षा व्यवस्था और विकास आधारित रणनीति की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

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