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नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने देश में हॉट डॉग बेचने और खाने पर लगाया प्रतिबंध

अंतराष्ट्रीय ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 9 January 2025

नई दिल्ली
इनदिनों अमेरिका के फेमस स्ट्रीट फूड हॉट डॉग के नॉर्थ कोरिया के लोग दिवाने हो रहे हैं. पिछले कुछ सालों से ये स्ट्रीट फूड वहां काफी लोकप्रिय हुआ है. इसी बीच वहां के तानाशाह ने किम जोंग-उन ने हॉट डॉग को देश में बैन कर दिया. इसके पीछे की जो वजह बताई, वो भी काफी मजेदार है. उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन ने देश में हॉट डॉग खाने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसे पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव को खत्म करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है. अब, अगर कोई व्यक्ति हॉट डॉग पकाते या बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे देश के कुख्यात श्रम शिविरों में सजा भुगतनी पड़ सकती है.

हॉट डॉग पर प्रतिबंध क्यों?
कहा जा रहा है कि यह प्रतिबंध दक्षिण कोरिया से प्रेरित अमेरिकी व्यंजन 'बुदाए-जिगे' के बढ़ते चलन के कारण लगाया गया है. बुदाए जिगे को यहां 'आर्मी बेस स्टू' भी कहा जाता है. इसमें हॉट डॉग और स्पैम जैसे मांस शामिल होते हैं. ये एक तरह से हॉट डॉग ही है. 1950 में कोरियाई युद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों द्वारा छोड़े गए मांस का उपयोग इसे बनाया जाता था.

स्ट्रीट वेंडरों को चेतावनी
उत्तर कोरिया में यह व्यंजन 2017 के आसपास लोकप्रिय होना शुरू हुआ. लेकिन अब इसे 'पूंजीवादी संस्कृति' का प्रतीक मानते हुए इसे पूरी तरह से बैन कर दिया गया है.उत्तर कोरिया के उत्तरी प्रांत रयांगगांग के एक विक्रेता ने बताया कि बाजार में बुदाए-जिगे बेचना बंद हो चुका है. अधिकारियों ने घोषणा की है कि अगर कोई इस फूड आयटक को बेचते हुए पकड़ा गया, तो उसकी दुकान को बंद कर दी जाएगी.

यहां तलाक पर भी सख्ती
इसके अलावा, उत्तर कोरिया में तलाक लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, तलाक को सरकार 'विरोधी समाजवादी कृत्य' मानती है और किसी भी कानूनी तलाक को सरकार की स्वीकृति की आवश्यकता होती है.तलाक लेने वालों को एक से छह महीने तक श्रम शिविर में भेजा जा रहा है. महिला तलाकशुदाओं को पुरुषों की तुलना में अधिक कठोर सजा दी जा रही है. दक्षिण प्योंगन प्रांत की एक तलाकशुदा महिला ने बताया कि श्रम शिविर में लगभग 80 महिलाएं और 40 पुरुष कैद हैं. इनमें से करीब 30 पुरुष और महिलाएं तलाक के कारण सजा भुगत रहे हैं. महिलाओं को पुरुषों से अधिक लंबी सजा दी जा रही है.

देश में लागू हैं कई कठोर नीतियां और प्रतिबंध
उत्तर कोरिया में पश्चिमी और दक्षिण कोरियाई संस्कृति के प्रभाव को रोकने के लिए कई कठोर कदम उठाए गए हैं. इन कदमों में पारंपरिक व्यंजनों और रीति-रिवाजों को बढ़ावा देने और बाहरी प्रभावों पर पूर्ण प्रतिबंध शामिल है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इन प्रतिबंधों का मकसद जनता पर नियंत्रण बनाए रखना और विदेशी संस्कृति के प्रवेश को रोकना है. यह उत्तर कोरियाई सरकार की कठोर नीतियों का एक और उदाहरण है.

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