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पेशावर में अमेरिकी दूतावास स्थायी रूप से बंद, सुरक्षा कारणों ने बढ़ाई चिंता

अंतराष्ट्रीय ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 12 March 2026

अम वर रत

वाशिंगटन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के पेशावर में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को स्थायी रूप से बंद करने का फैसला ले लिया है। यह दूतावास अफगान सीमा के सबसे नजदीक स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशन था और 2001 में अफगानिस्तान पर अमेरिका के हमले से बाद से एक प्राथमिक संचालन केंद्र था।

बुधवार को मिली अधिसूचना की एक प्रति के मुताबिक अमेरिका ने इस सप्ताह अमेरिकी संसद को वाणिज्य दूतावास को बंद करने के अपने इरादे के बारे में सूचित किया और कहा कि इससे प्रति वर्ष 75 लाख अमेरिकी डॉलर की बचत होगी। अमेरिका ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान में अमेरिकी राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की उसकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि पेशावर वाणिज्य दूतावास में 18 अमेरिकी राजनयिक और अन्य सरकारी कर्मचारी तथा 89 स्थानीय कर्मचारी कार्यरत हैं। नोटिस में कहा गया है कि मंत्रालय इसे बंद करने के लिए 30 लाख अमेरिकी डॉलर खर्च करेगा।

अमेरिका ने क्यों किया बंद?
जानकारी के मुताबिक इस फैसले का ईरान युद्ध से लेना देना नहीं है। ट्रंप प्रशासन द्वारा लगभग सभी संघीय एजेंसियों में कटौती शुरू करने के बाद से यह कदम एक साल से अधिक समय तक विचाराधीन रहने के बाद यह फैसला लिया गया है। इस बीच ईरान युद्ध के कारण कराची और पेशावर सहित विभिन्न पाकिस्तानी शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिसके कारण अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों ने अस्थायी रूप से अपना संचालन निलंबित कर दिया है।

अमेरिकी दूतावास में हुई थी हिंसा
इससे पहले इजरायल-अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाल में हुई झड़पों के बाद पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी बढ़ा दी थी। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास का सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश में एक मार्च को 12 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए और लगभग 47 अन्य घायल हो गए। लाहौर और इस्लामाबाद में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए थे।

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