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डिप्टीसीएम विजय शर्मा बंगले बाहर महिला ने पिया फिनाइल

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 23 August 2025

रायपुर में डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बंगले के बाहर महिला ने अनुकंपा नियुक्ति की मांग करते हुए फिनाइल पिया, मेकाहारा अस्पताल में भर्ती, बेटी ने सरकार पर वादा भूलने का आरोप लगाया।


रायपुर । राजधानी रायपुर में रविवार को डिप्टी सीएम विजय शर्मा के सरकारी बंगले के बाहर उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक महिला ने फिनाइल पी लिया। महिला दिवंगत शिक्षाकर्मी की पत्नी बताई जा रही है, जो लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही थी। बताया जा रहा है कि अधिकारियों और प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं होने से आक्रोशित होकर उसने यह कदम उठाया।

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घटना का विवरण

घटना रविवार दोपहर की है। मृत शिक्षाकर्मी की पत्नी अपनी बेटी के साथ डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बंगले के बाहर पहुंची और गेट पर ही फिनाइल पी लिया। सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल उसे रोककर अस्पताल भिजवाया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

महिला की हालत स्थिर

फिनाइल पीने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और पुलिस की तत्परता से उसे तुरंत मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार महिला की हालत अभी स्थिर है और वह इलाज के अधीन है।

बेटी का आरोप: सरकार वादा भूल गई

महिला की बेटी ने मीडिया से कहा, “पापा के निधन के बाद हमें आश्वासन दिया गया था कि मां को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। लेकिन कई साल बीत गए और सरकार वादा भूल गई। मजबूरी में मां ने यह कदम उठाया।”

प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला के बयान दर्ज किए जाएंगे और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। वहीं जिला प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि आवेदन और फाइल की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

डिप्टी सीएम कार्यालय की प्रतिक्रिया

डिप्टी सीएम विजय शर्मा के कार्यालय की ओर से बयान आया है कि घटना बेहद दुखद है और इस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी। हर पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।

अनुकंपा नियुक्ति: एक अहम मुद्दा

अनुकंपा नियुक्ति सरकारी कर्मचारियों के निधन के बाद उनके आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा देने का प्रावधान है। हालांकि, कई बार इसमें देरी और प्रक्रिया संबंधी बाधाओं के चलते पीड़ित परिवारों को संघर्ष करना पड़ता है। रायपुर की यह घटना इसी लापरवाही का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया

इस घटना ने राजनीतिक हलकों में भी हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि अनुकंपा नियुक्ति समय पर दी जाती तो यह स्थिति नहीं आती। वहीं समाजसेवियों ने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता करार दिया है।

आगे की स्थिति

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला की हालत सामान्य होने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा। उसके बाद ही यह तय होगा कि उसके आवेदन में किस स्तर पर लापरवाही हुई और कौन जिम्मेदार है।


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