रायपुर में सूटकेस से मिली युवक की लाश। परिजनों के इनकार के बाद पुलिस ने किया अंतिम संस्कार। हत्या की जांच जारी है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुए सूटकेस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। इस दिल दहला देने वाले मामले में किशोर पैकरा नामक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उसके शव को एक बड़े सूटकेस में बंद करके फेंक दिया गया था। इस मामले में जहां एक ओर हत्या की क्रूरता ने सभी को सन्न कर दिया, वहीं रिश्तेदारों के असंवेदनशील रवैये ने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए।
लेकिन ऐसे माहौल में पुलिस ने मानवता की मिसाल पेश की। किशोर पैकरा का अंतिम संस्कार रायपुर पुलिस ने स्वयं किया, जब उसके परिजनों ने शव को स्वीकार करने से मना कर दिया।
हत्या की गुत्थी और सूटकेस का खुलासा
यह घटना तब सामने आई जब शहर के बाहरी इलाके में एक लाल रंग का बड़ा सूटकेस संदिग्ध हालत में पाया गया। लोगों को शक हुआ, तो पुलिस को सूचना दी गई। जब पुलिस ने सूटकेस खोला, तो अंदर से एक युवक की लाश मिली, जो कई दिनों से सड़ चुकी थी।
जांच में सामने आया कि युवक की पहचान किशोर पैकरा के रूप में हुई है। युवक को गला दबाकर मारा गया था, और शव को पहचान से बचाने के लिए चेहरे को भी बिगाड़ने की कोशिश की गई थी।
किशोर पैकरा का परिचय
किशोर पैकरा मूलतः सरगुजा जिले का निवासी था। वह पिछले कुछ समय से रायपुर में रह रहा था। बताया गया कि वह छोटे-मोटे काम करता था और उसका किसी से कोई स्थायी संपर्क नहीं था। न तो वह किसी ठिकाने पर ज्यादा दिन रहता और न ही किसी सामाजिक संगठन से जुड़ा था।
रिश्तेदारों ने किया अंतिम संस्कार से इनकार
जब किशोर की शिनाख्त हुई, तो पुलिस ने उसके परिजनों और रिश्तेदारों से संपर्क किया। लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कोई भी उसका शव लेने को तैयार नहीं हुआ। कुछ ने रिश्ते से ही इनकार कर दिया, तो कुछ ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें कोई लेना-देना नहीं है।
परिजनों के इस रवैये से पुलिस अधिकारी भी भावुक हो गए। एक अधिकारी ने मीडिया से कहा:
पुलिस ने निभाया अंतिम फर्ज
ऐसे में रायपुर पुलिस ने निर्णय लिया कि किशोर का अंतिम संस्कार सरकारी प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। पुलिसकर्मी खुद श्मशान घाट पहुंचे, पूजा-पाठ, विधि-विधान से अंत्येष्टि कराई और उसे सम्मान के साथ विदाई दी।
इस दौरान स्थानीय समाजसेवियों और NGO कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग किया। पुलिस ने अपने संसाधनों से न केवल शव का दाह संस्कार करवाया, बल्कि उसकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी की।
जांच जारी, हत्यारों की तला
सूटकेस हत्याकांड में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए हत्यारों की तलाश शुरू कर दी है। शक जताया जा रहा है कि हत्या व्यक्तिगत रंजिश या अवैध लेनदेन से जुड़ी हो सकती है।
फॉरेंसिक टीम ने शव और सूटकेस से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस को विश्वास है कि जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे।
मानवता का प्रश्न और सामाजिक सोच
यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज की संवेदनहीनता का भी आईना है। किशोर पैकरा जैसे हजारों लोग इस देश में हैं जो गुमनाम ज़िंदगी जीते हैं और गुमनाम मौत पाते हैं। जब उनका कोई नहीं होता, तब प्रशासन और पुलिस ही उनके लिए आखिरी सहारा बनती है।
