सरस्वती शिशु मंदिर कोटा में 24 सितंबर 2025 को कन्या भोज का आयोजन हुआ, जिसमें नन्हीं बहनों का सिंगार, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण किया गया।
रायपुर । सरस्वती शिशु मंदिर, भवानी नगर कोटा रायपुर में आज अश्विन मास शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि, 24 सितंबर 2025, मंगलवार को कन्या भोज का भव्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर नन्हीं बहनों का स्नेहिल स्वागत और सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों द्वारा नन्हीं बहनों के चरण धुलाकर किया गया। इसके बाद बहनों का सुंदर सिंगार किया गया और उन्हें पारंपरिक परिधानों में सजाकर कन्या भोज के लिए तैयार किया गया।
कन्या पूजन और भोजन का आयोजन
कार्यक्रम में कुल 36 बहनों को 9-9 के समूह में बैठाया गया। सबसे पहले उनका कन्या पूजन किया गया, जिसमें बच्चों ने देवी कन्या के रूप में बहनों का सम्मान किया। पूजन के बाद सभी बहनों को स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने का अवसर मिला।
विद्यालय के अन्य छात्रों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सभी भैय्या बहनों को एकत्रित कर प्रसाद वितरण किया गया। इसके साथ ही विद्यालय के कुछ भैय्याओं ने माँ दुर्गा के भजन प्रस्तुत किए, जिसने कार्यक्रम को धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाया।
आयोजन में योगदान
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री निलेश विश्वकर्मा, समस्त आचार्य, दीदी और भैय्या बहनों का योगदान सराहनीय रहा। उन्होंने कार्यक्रम के प्रत्येक चरण में बच्चों और अभिभावकों का मार्गदर्शन किया और सुनिश्चित किया कि आयोजन सुचारू रूप से सम्पन्न हो।
कार्यक्रम में कुछ अभिभावक माताएँ भी उपस्थित रहीं और उन्होंने बच्चों के उत्साह और सहयोग की सराहना की। विद्यालय के प्रचार प्रसार प्रमुख सुश्री भुनेश्वरी लोनिया ने बताया कि यह कार्यक्रम न केवल बहनों का सम्मान करने के लिए आयोजित किया गया बल्कि बच्चों में सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत करने का प्रयास था।
कार्यक्रम की विशेषताएँ
- नन्हीं बहनों का चरण धुलाकर स्वागत।
- बहनों का पारंपरिक सिंगार।
- कन्या पूजन और 36 बहनों का समूहिक सम्मान।
- विद्यालय के सभी भैय्या बहनों के लिए प्रसाद वितरण।
- माँ दुर्गा के भजन प्रस्तुतिकरण।
- अभिभावकों की सक्रिय उपस्थिति और समर्थन।
सामाजिक और सांस्कृतिक संदेश
कन्या भोज का उद्देश्य बच्चों में स्त्री सम्मान, धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता पैदा करना है। यह आयोजन बच्चों को यह सिखाता है कि महिलाओं और लड़कियों का सम्मान समाज की मूलभूत आवश्यकता है।
प्रधानाचार्य श्री निलेश विश्वकर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में नैतिक और सामाजिक मूल्यों की स्थापना करते हैं। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों को धन्यवाद दिया कि उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।
सुश्री भुनेश्वरी लोनिया ने कहा कि कन्या भोज जैसे आयोजन बच्चों को सहयोग, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हैं। यह कार्यक्रम स्कूल और समुदाय के बीच संबंध मजबूत करने का भी माध्यम है।
कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन सभी बच्चों और अभिभावकों द्वारा सामूहिक रूप से धन्यवाद ज्ञापन और प्रसाद वितरण के साथ किया गया। इस अवसर ने नन्हीं बहनों के आत्म-सम्मान और स्कूल में सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत किया।
